सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के राजस्थान में कथित लव जिहाद के नाम पर मुस्लिम युवक मुहम्मद अफ्जरुल की बेदर्दी से हत्या कर उसको जिंदा जलाने के मामले में मृतक की विधवा को इस हत्या की स्वतंत्र जांच के लिए नई याचिका दायर करने की सोमवार को छूट दे दी है.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए. एम. खानविलकर और जस्टिस धन्नजय वाई चन्द्रचूड़ की पीठ ने 50 वर्षीय विधवा गुलबहार बीबी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह को मौजूदा याचिका वापस लेने और बेहतर याचिका दायर करने की अनुमति प्रदान की. पीठ ने कोर्ट की रजिस्ट्री को नई याचिका सुनवाई के लिए 5 फरवरी को सूचीबद्ध करने के लिए कहा है.

ध्यान रहे इससे पहले पीठ ने अफजरुल की पत्नी गुलबहार बीबी की याचिका पर नोटिस जारी किया था. जिसमें निहितार्थ एसआईटी जांच की मांग की गई थी.  पीठ ने हत्या का वीडियो देखने के बाद कहा था कि यह याचिका पर विचार करने और उचित निर्देश जारी करने के लिए तैयार है. लेकिन ये याचिका सही तरीके से पेश नहीं की गई है.

पीठ ने वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंग को इस मामले में ने 29 जनवरी तक बेहतर याचिका पेश करने को कहा था. इस दौरान जयसिंह ने कोर्ट से हत्या के वीडियो को इंटरनेट से हटाने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार को एक निर्देश जारी किया जाए है कि यह आगे प्रसारित न हो और इंटरनेट से वापस ले लिया जाए.

पुलिस ने इस मामले में हत्या के आरोपी शंभूलाल रेगर को गिरफ्तार किया है. जिसने अपनी कथित बहन से नाजायज सबंधों के खुलासे के डर से ये जघन्य हत्याकांड अंजाम दिया है.

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