मॉब लिंचिंग रोकने में नाकाम राज्यों पर हो कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल…

6:51 pm Published by:-Hindi News

सुप्रीम कोर्ट ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर लगाम लगाने में कथित रूप से विफल रहे कुछ राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई के लिए दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से गुरुवार को इन्कार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और जस्टिस दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की खंडपीठ ने कहा कि अवमानना ​​याचिका पर सुनवाई करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। पीठ ने तत्काल सुनवाई से इन्कार करते हुए कहा कि मामलों पर तत्काल सुनवाई के संबंध के बारे में वकीलों के 50 प्रतिश बयान गलत पाये जाते हैं।

दूसरी और वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि कई राज्यों में भीड़ की हिंसा को रोकने के लिए जो दिशानिर्देश जारी किए गए हैं उनका पालन नहीं किया जा रहा है। इस वजह से यह घटनाएं बढ़ रही है।

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पिछले साल 17 जुलाई को तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि “भीड़तंत्र के भयानक कृत्यों” को कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती और लिंचिंग एवं गौरक्षा के नाम पर हिंसा करने वालों से निपटने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे।

इसके अलावा  पीठ ने केंद्र से इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए एक नया कानून बनाने पर विचार करने को भी कहा था।

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