Sunday, August 1, 2021

 

 

 

NRC को-ऑर्डिनेटर का अल्पसंख्यकों पर विवादित बयान, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ हो रहे घमासान के बीच सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार से NRC के स्टेट को-ऑर्डिनेटर हितेश देव सरमा के सांप्रदायिक बयान को लेकर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

दरअसल, सरमा पर को-ऑर्डिनेटर का पद संभालने से पहले सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक बयान जारी करने का आरोप है। सरमा ने अपने फेसबुक पेज पर सिटिजनशिप बिल से जुड़े मुद्दों पर पोस्ट डाले। 13 फरवरी (को डाले गए अपने पोस्ट में सरमा ने कहा था कि एनआरसी में लाखों बांग्लादेशियों के नाम हैं। 15 नवंबर (2017) को डाले गए अपने पोस्ट में सरमा ने लिखा था कि पिछले सात दशक से अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण की नीति चल रही है। इसने सेक्यूलरिज्म की परिभाषा ही बदल दी है।

शीर्ष अदालत (Supreme Court) ने सोमवार को नोटिस जारी कर सर्बानंद सोनोवाल सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। सोनोवाल सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक महीने का वक्त दिया गया है।  बता दें कि पिछले साल नवंबर में असम सिविल सेवा अधिकारी हितेश देव सरमा को प्रतीक हजेला की जगह NRC का स्टेट को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया था। प्रतीक हजेला ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में 31 अगस्त 2019 को एनआरसी की फाइनल लिस्ट जारी की थी।

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हितेश देव सरमा के सांप्रदायिक बयान वाले फेसबुक पोस्ट को लेकर जारी किए गए नोटिस पर सीजेआई ने कहा, ‘उन्हें (स्टेट को-ऑर्डिनेटर) ये सब नहीं कहना चाहिए। असम सरकार इसपर स्पष्टीकरण दे।’ चीफ जस्टिस की बेंच ने अटॉर्नी जनरल के जरिए केंद्र को जवाब देने के लिए कहा है। चीफ जस्टिस ने कहा है कि पहले हमें तथ्यों को देखना होगा। अभी बहुत मुश्किल हालात हैं।

सुप्रीम कोर्ट में उस याचिका पर भी सुनवाई हुई, जिसमें कुछ बच्चों का नाम एनआरसी में नहीं है, लेकिन उनके माता-पिता का नाम लिस्ट में दर्ज है। याचिका के मुताबिक ऐसे 60 बच्चे हैं। कोर्ट ने इसपर भी नोटिस जारी कर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। इस पर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा, ‘मैं बच्चों को डिटेंशन सेंटर्स भेजे जाने और उन्हें माता-पिता से अलग किए जाने के बारे में नहीं सोच सकता. मुझे बच्चों के डिटेंशन सेंटर्स में रखे जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।’ फिलहाल चीफ जस्टिस जस्टिस एसए बोबडे ने केंद्र और राज्य सरकार को जवाब देने के लिए 4 हफ्ते का समय दिया है।

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