Monday, January 24, 2022

मामला बेहद गंभीर, जरूरत पड़ी तो खुद करूंगा J&K का दौरा: चीफ जस्टिस

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नई दिल्ली: आर्टिकल 370 से संबंधित एक याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने सोमवार को कहा कि वह खुद श्रीनगर जाएंगे और हाई कोर्ट के हालात देखेंगे।

दरअसल, बाल अधिकारकार्यकर्ता इनाक्षी गांगुली ने जम्मू-कश्मीर में जेल में बंद 18 साल से कम उम्र के बच्चों की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने संबंधित उन केसों की जानकारी मांगी जिन्हें हाई कोर्ट कमिटी देख रही है। चीफ जस्टिस ने कहा कि इसके लिए जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट में अपील करें। इनाक्षी की ओर से वरिष्ठ वकील हुसेफा अहमदी ने कहा, ‘ऐसा करना बेहद मुश्किल है। हाई कोर्ट आम आदमी की पहुंच से दूर है।’

ऐसे में गोगोई ने कहा, ‘यह बहुत ही गंभीर मामला है, अगर लोग हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने में असमर्थ हैं।’ चीफ जस्टिस ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से रिपोर्ट मांगी। इसमें उन्होंने पूछा कि क्या हाई कोर्ट अपीलकर्ताओं की पहुंच में है या नहीं?

चीफ जस्टिस ने कहा, ‘यह बेहद गंभीर मामला है। मैं खुद निजी तौर पर फोन पर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से बात करूंगा। जरूरत पड़ी तो प्रदेश का दौरा भी करूंगा।’ हालांकि, सीजेआई ने याचिकाकर्ता को चेतावनी भी दी और कहा कि अगर आपका दावा गलत निकला तो इसका परिणाम भी आपको भुगतना होगा।

उल्लेखनीय है उस वक्त मुख्य न्यायाधीश जम्मू-कश्मीर के हालातों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को श्रीनगर, अनंतनाग, बारामूला और जम्मू जिलों में जाने की अनुमति भी दे दी ताकि वो उनके परिवार के सदस्यों का हालचाल जान सकें।

एक अन्य दलील में सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला की नजरबंदी पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। इसके साथ ही केंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को निर्देश दिया कि वो जम्मू-कश्मीर में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य करने करे।

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