Wednesday, August 4, 2021

 

 

 

सिर्फ 9 माह में एसबीआई को लगा 7,951 करोड़ का चुना: आरटीआई में खुलासा

- Advertisement -
- Advertisement -

सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत प्राप्त सूचना के मुताबिक, देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरुआती नौ माह (अप्रैल-दिसंबर 2018) के दौरान कुल 7,951.29 करोड़ रुपये की बैंकिंग धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा है।

मध्यप्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बुधवार को बताया कि सूचना के अधिकार के तहत एसबीआई के एक उच्च अधिकारी ने उन्हें यह जानकारी दी है। उन्होंने अपनी आरटीआई अर्जी पर एसबीआई के 25 फरवरी को भेजे जवाब के हवाले से बताया कि इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2018) में बैंक में कुल 723.06 करोड़ रुपए की बैंकिंग धोखाधड़ी के 669 मामले सामने आये।

दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2018) में कुल 4832.42 करोड़ रुपए की बैंकिंग धोखाधड़ी से संबंधित 660 प्रकरण प्रकाश में आये। आरटीआई से मिली जानकारी बताती है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2018) के दौरान एसबीआई में 2395.81 करोड़ रुपए की बैंकिंग धोखाधड़ी के 556 प्रकरण सामने आये।

वैसे गौड़ ने अपनी आरटीआई अर्जी में एसबीआई से विशिष्ट तौर पर यह भी जानना चाहा था कि आलोच्य अवधि (अप्रैल-दिसंबर 2018) में उसके कितने ग्राहक बैंकिंग धोखाधड़ी के शिकार हुए और इस वजह से उन्हें कितनी रकम की चपत लगी।

हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज बैंक ने उक्त प्रश्न पर आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा सात (नौ) का हवाला देते हुए कहा कि कानूनी प्रावधानों के मुताबिक उसे इस विषय में मांगी गयी सूचना के खुलासे से छूट प्राप्त है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles