Thursday, August 5, 2021

 

 

 

पाकिस्तान से 5 गुना ज्यादा भारत में निवेश करेगा सऊदी अरब

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नई दिल्ली: भारत और सऊदी अरब ने अपने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने तथा ऊर्जा संबंधों को खरीददार और विक्रेता से आगे बढ़ाते हुए सामरिक गठजोड़ में तब्दील करने का संकल्प व्यक्त किया है। सऊदी अरब ने भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की । विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, ‘बड़ी घोषणा। सऊदी अरब, भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा ।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान द्वारा भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश करने की घोषणा का स्वागत किया। सऊदी अरब की ओर से यह निवेश ऊर्जा, तेलशोधन, पेट्रोकेमिकल्स, आधारभूत ढांचा जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।

सऊदी अरब के युवराज की यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक मामले) टी.एस. त्रिमूर्ति ने कहा कि सऊदी अरब द्वारा निवेश की यह घोषणा (100 अरब डॉलर के निवेश) भारत में निवेश के लिए उसके विश्वास को प्रदर्शित करता है।

त्रिमूर्ति ने कहा कि दोनों देशों ने ऊर्जा के क्षेत्र में प्रथम संयुक्त उद्यम की स्थापना पर संतोष व्यक्त किया, जो तेलशोधन और पेट्रोकेमिकल्स परियोजनाओं से जुड़ा है और जिसकी अनुमानित लागत 44 अरब डॉलर है। दोनों पक्षों ने ‘सामरिक गठजोड़ परिषद’ स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की जो भारत के प्रधानमंत्री और सऊदी अरब के युवराज के मार्गदर्शन में संचालित होगी और इसमें मंत्रालयों का प्रतिनिधित्व होगा। इसके तहत द्विपक्षीय संबंधों के सभी आयामों को आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी और सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों ने पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें ‘नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड’ में निवेश के लिए दोनों देशों ने एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग पर भी एक सहमति पत्र (एमओयू) हुआ। दोनों देशों ने आवास के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी एक एमओयू किया। भारत की इन्वेस्ट इंडिया और सऊदी अरब की जनरल इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के बीच भी द्विपक्षीय निवेश संबंधों को बढ़ावा देने के लिए सहयोग ढांचा करार पर हस्ताक्षर किए गए। प्रसार भारती एवं सऊदी ब्रॉडकास्ट कोऑपरेशन के बीच भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा की है।

सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा कारोबारी साझेदार है। 2017-18 के दौरान दोनों देशों के बीच 1.95 लाख करोड़ का सालाना कारोबार हो रहा था। सऊदी अरब भारत की कुल जरूरत का 17% कच्चा तेल और 32% एलपीजी मुहैया करा रहा है।

ध्यान रहे सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान बिन सऊद भारत दौरे पर आने से पहले पाकिस्तान गए थे। वहां उन्होंने पाकिस्तान के साथ 20 अरब डॉलर (करीब 1 लाख 43 हजार करोड़ रुपए) का करार किया था। सऊदी अरब पाकिस्तान को पहले से ही छह अरब डॉलर (करीब 43 हजार करोड़ रुपए) का कर्ज दे चुका है। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ क्राउन प्रिंस ने जो संयुक्त वक्तव्य जारी किया, उसमें उन्होंने भारत-पाक को संवेदनशील मुद्दों पर आपस में वार्ता करने का सुझाव दिया था।

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