santosh kumar pti

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नई दिल्ली | दुनिया की सबसे ज्यादा युवाओं की आबादी वाला देश है भारत. यह बात जितनी देश के लिए सुखद है उतनी ही दुखदायी भी है क्योकि ये युवा आजकल बिना रोजगार के घूम रहे है. इसलिए यह बताना आवश्यक नही है की बेरोजगारी की वजह से ये लोग अपराध की दलदल में भी धंस सकते है. इसलिए नौकरी देना मोदी सरकार की आज सबसे बड़ी चुनौती है. क्योकि देश की यही ताकत हमारी कमजोरी भी बन सकती है.

हालाँकि मोदी सरकार दावा करती है की उन्होंने कौशल विकास योजना के अंतर्गत करीब 30 लाख युवाओं को स्किल्ड किया है. लेकिन इनमे से 10 फीसदी युवाओं को भी रोजगार नही मिला. उधर विपक्ष , इस मुद्दे को लेकर लगातार मोदी सरकार पर हमला कर रहा है. विपक्ष, देश में बढ़ रही बेरोजगारी के लिए नोट बंदी और जीएसटी को जिम्मेदार ठहरा रहा है. एक आंकड़े के अनुसार नोट बंदी के दौरान करीब 15 लाख लोगो का रोजगार चला गया.

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नोट बंदी के बाद लागु हुए जीएसटी ने रही सही कसर पूरी कर दी. व्यापर ठप्प हो रहे है और लोगो की नौकरी जा रही है. ऐसे में रोजगार सृजन की बात तो भूल जाए. लेकिन मोदी सरकार इस मुद्दे पर बात ही नही करना चाहती क्योकि वह कौशल विकास योजना और मुद्रा बैंक से रोजगार के लिए मिल रहा लोन लोगो को याद दिला देती है. लेकिन अब मोदी सरकार के एक मंत्री ने इसे बड़ा और गंभीर मुद्दा माना है.

एक कार्यक्रम के दौरान मोदी सरकार में मंत्री संतोष गंगवार ने कहा की भारत में युवाओं की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है और प्रत्येक युवा को रोजगार चाहिए. यदि रोजगार सृजन की दिशा में तुरंत कोई आवश्यक कदम नही उठाया गया तो आने वाली पीढ़िया हमें माफ नही करेंगी. हालाँकि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह कह चुके है की सभी लोगो को रोजगार देना संभव नही है. जबकि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था.

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