Wednesday, December 8, 2021

भारतीय मुस्लिमों को धार्मिक सद्भावना के लिए दिया जाना चाहिए नोबेल पुरुस्कार

- Advertisement -

केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही मुस्लिमों को कभी गाय के नाम पर, कभी लव जिहाद के नाम पर तो कभी वंदे मातरम के नाम पर मौत के घाट उतारा गया. लेकिन अब देश भर में सांप्रदायिक दंगों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है.

रामनवमी के मौके पर देश के हिस्सों से मुस्लिम बहुल इलाकों में जुलूस निकालकर आपत्तिजनक नारों के साथ सांप्रदायिकता फैलाई जा रही है. जिसका नतीजा बिहार, पश्चिम बंगाल और अब राजस्थान में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है. बावजूद मुस्लिम समुदाय ने सब्र का दामन थामे हुए देश के कानून और संविधान पर अपनी आस्था बनाए रखी हुई है.

ऐसे में अब पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट ने तो भारतीय मुसलमानों को शांति पुरुस्कार देने की बात कही है ,अपने ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए भट्ट ने लिखा है कि “अगर पूरे समुदाय को नॉबेल शांति पुरस्कार दिया जासकता है,तो मेरा वोट भारतीय मुसलमानों को जाएगा. क्योंकि जो कुछ भी धार्मिक सद्भावना हमें भारत मे देखने को मिल रही है वो इस वजह से है कि मुसलमानों अपने साथ होने वाले भेदभाव और नफरत के बावजूद रिएक्शन से अपने आपको रोक रखा है”

संजीव भट्ट ने बिल्कुल सत्य लिखा है भारत में मुसलमान किसी भी बड़ी से बड़ी घटना के बाद कोई भी उग्र प्रतिक्रिया नही देते हैं. इसी कारण से भारत में शांति है. अगर मुसलमान बीजेपी और संघ के हमलों का जवाब देने लगें. इस देश नरक बनने में वक्त भी नहीं लगेगा.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles