अहमदाबाद | केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने अपने विजन को नारों के जरिये रखा. उन्होंने लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं को सन्देश दिया की नौकरी लेने वाला नही बल्कि देना वाला बनिए. इसी सन्देश के साथ मोदी ने ‘स्टार्टअप इंडिया’ का नारा दिया. इसके अलावा स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया आदि कई नारे दिए गए. आजकल मोदी एक नए नारे पर ज्यादा जोर दे रहे है, ‘न्यू इंडिया’.

उनके अनुसार देश के आजादी के 75 साल होने पर एक नए तरह का भारत सामने आना चाहिए. ऐसा भारत जिसमे न भ्रष्टाचार और न ही कोई अपराध. फ़िलहाल मोदी हर कार्यक्रम में इस नारे को आगे बढ़ा रहे है. लेकिन विपक्षी दल हर बार की तरह इस नारे को भी जुमला करार दे रहे है. उनका कहना है की मोदी की सरकार का कार्यकाल 2019 में खत्म हो जायेगा फिर वह 2022 की बात क्यों कर रहे है?

दरअसल मोदी सरकार ने ज्यादातर परियोजनाओं की डेड लाइन भी 2022 रखी है. ऐसे में सवाल उठाना लाजिमी है की देश से 60 महीने मांगने वाले मोदी जी क्या अपने वादे पुरे करने की डेड लाइन आगे बढ़ा रहे है. इसलिए विपक्ष मोदी सरकार से सवाल कर रहा है की वह लोकसभा चुनावो के दौरान किये गए वादो का लेखा जोखा जनता के सामने रखे. यह सवाल तब उठाया जा रहा है जब देश की आर्थिक व्यवस्था बेहद बुरे दौर से गुजर रही ही.

अब विपक्ष के साथ गुजरात के निलंबित आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने भी मोदी सरकार के न्यू इंडिया विजन पर सवाल खड़े किये है. उन्होंने तंज कसते हुए प्रधानमंत्री मोदी को नंगा शासक तक करार दे दिया. उन्होंने लिखा,’ शासक नंगा हो चूका है , पर लोग अंधे बने हुए है.’ इस ट्वीट के साथ संजीव भट्ट ने न्यू इंडिया को हैशटैग भी किया है. फ़िलहाल संजीव भट्ट के इस ट्वीट पर मिली जुली प्रतिक्रिया आ रही है. कुछ ट्वीट का समर्थन कर रहे है तो कुछ इसका विरोध.

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