नई दिल्ली :  कन्नड़ पत्रिका की संपादक गौरी लंकेश हत्याकांड में विशेष जांच दल ने दावा किया कि पिछले साल पांच सितंबर को परशुराम वाघमारे ने गौरी लंकेश की गोली मार कर हत्या की थी.

सीसीटीवी वीडियो को फोरेंसिक जांच के बाद ये दावा किया गया है. लैब में इस बात की पुष्टि हुई कि विज़ुअल्स में दिख रहा शख्स एक ही है.  एसआईटी के एक अफसर ने कहा, दोनों विजुअल्स में दिखे शख्स की पुष्टि लैब में हो चुकी है। जून में पुलिस ने पशुराम वाघमारे को पत्रकार की हत्या के सम्बन्ध में गिरफ्तार किया था.

बता दें कि पिछले साल पांच सितंबर को ‘लंकेश पत्रिका’ की संपादक गौरी लंकेश (55) की शहर के उपनगरीय इलाके में स्थित उनके आवास पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने कुल सात गोलियां मारी जिनमें तीन (दो छाती और एक माथे पर) गौरी को लगीं थीं।

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इस सबंध में लंकेश की बहन कविता लंकेश ने मंगलवार को कहा कि अगर सिद्ध हो जाता है कि नरेंद्र दाभोलकर सहित दूसरे रैशनलिस्ट की हत्या में सनातन संस्था का हाथ है तो इस संस्था के साथ आतंकवादी संगठन जैसा व्यवहार करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि सनातन संस्था से जुड़ी दूसरी संस्था जैसे हिंदू जन जागृति समिति के बारे में भी अगर सिद्ध होता है कि इन हत्याओं उनका संबंध है तो उनके साथ भी आतंकवादी संगठन जैसा व्यवहार करना चाहिए. गौरी लंकेश की हत्या की जांच कर रही एसआईटी ने नरेंद्र दाभोलकर और एमएम कलबुर्गी की हत्या के मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है.

एसआईटी ने इस मामले में अभी तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये लोग सनातन संस्था और इससे जुड़ी हुई दूसरी संस्था हिंदू जन जागृति समिति से जुड़े हुए हैं.

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