जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने समलेटी ब’म कांड के मामले के 6  आरोपियों की आजीवन उम्रकैद की सजा को रद्द करते हुए बरी कर दिया है। जस्टिस सबीना और जस्टिस गोवर्धन बारधार की खण्डपीठ ने राज्य सरकार और आरोपियों की अपीलो पर सुनवाई करते हुए ये फैसला दिया है।

हालांकि पूरे मामले के मास्टर माइंड डा. अब्दुल हमीद की फांसी की सजा को बरकरार रखा है। इसके अलावा हमीद के साथी आरोपी पप्पू उर्फ सलीम की आजीवन उम्रकैद की सजा को भी बहाल रखा गया है। गौरतलब है कि अपर जिला एवं सेशन न्यायालय बांदीकुई ने 29 सितंबर 2014 को आतंकी डा. अब्दुल हमीद को फांसी की सजा सुनाई थी।

हमीद पर आरोप है कि उसने 22 मई 1996 को आगरा से बीकानेर आ रही राजस्थान रोडवेज की बस में बम वि’स्फोट कर जयपुर के सिधीं कैंप बस स्टैण्ड को उड़ाना चाहता था, लेकिन बस खराब हो जाने के चलते निर्धारित समय पर जयपुर नहीं पहुंच पाई। जिससे दौसा और महुआ के बीच ही ब’म वि’स्फोट हो गया। इस वि’स्फोट में 14 लोगों की दर्दनाक मौ’त हुई और 39 लोग घा’यल हो गये थे।

अब हाईकोर्ट ने जावेद खान उर्फ जावेद जूनियर, अब्दुल गनी उर्फ असादुल्लाह, लतीफ अहमद बाजा उर्फ निसार, मोहम्मद अली भट्ट उर्फ महमूद किले, मिर्जा निसार हुसैन और रहीश बेग के खिलाफ सबूतों का अभाव मानते हुए उन्हें बरी करने के आदेश दिये हैं।

हाईकोर्ट ने इन आरोपियों के खिलाफ कोई अन्य केस नहीं होने पर 25—25 हजार के जमानत मुचलकों पर रिहा करने को कहा है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद करीब 22 साल से जेल में बंद ये 6 आरोपी रिहा होंगे।

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