Saturday, July 24, 2021

 

 

 

सज्जन कुमार ने किया सरेंडर, जेल में बनेगा नया साल

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नई दिल्ली. 1984 के सिख विरोधी दं’गा केस में दोषी सज्जन कुमार (73 साल) ने सोमवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने उसे मंडोली जेल भेज दिया। कोर्ट ने सुरक्षा कारणों की वजह से उन्हें अलग वैन में जेल ले जाने के आदेश दिए।

सज्जन कुमार के वकीलों ने मांग की थी कि उन्हें तिहाड़ जेल भेजा जाए, क्योंकि मामला दिल्ली कैंट थाने का है। लेकिन नियमों के तहत सज्जन कुमार मंडोली जेल भेजे गए। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सज्जन कुमार की Z सुरक्षा अभी भी बनी रहेगी, क्योंकि गृह मंत्रालय के आदेश पर सुरक्षा मिली हुई है।

ऐसे में जेल जाने के बाद भी सज्जन कुमार के घर सज्जन कुमार के सुरक्षा कर्मी पहले की ही तरह तैनात रहेंगे। तिहाड़ के पीआरओ रामकुमार ने बताया  कि सज्जन कुमार को मंडोली जेल नंबर-14 के मुलाहिजा वार्ड में रखा जाएगा ना कि हॉई सुरक्षा वार्ड में। 

बता दें कि अदालत ने सज्जन कुमार की आत्मसमर्पण के लिए और वक्त मांगने संबंधी अर्जी 21 दिसम्बर को अस्वीकार कर दी थी। इसके बाद कुमार ने मामले में ताउम्र कैद की सजा के उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी।

यह मामला 1984 दं’गों के दौरान एक-दो नवम्बर को दक्षिण पश्चिम दिल्ली की पालम कॉलोनी में राज नगर पार्ट-1 क्षेत्र में सिख परिवार के पांच सदस्यों की हत्या करने और राज नगर पार्ट-2 में एक गुरुद्वारे में आगे लगाने से जुड़ा है।

 उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि 1984 दं’गों के दौरान 2700 से अधिक सिख राष्ट्रीय राजधानी में मारे गए जो कि वास्तव में अविश्वसनीय नरसं’हार था। अदालत ने कहा था ये दं’गे “राजनीतिक संरक्षण” प्राप्त लोगों द्वारा “मानवता के खिलाफ अपराध” थे।

अदालत ने सज्जन के अलावा कांग्रेस के पूर्व पार्षद बलवान खोखर, रिटायर्ड नौसेना अधिकारी कैप्टन भागमल और गिरधारी लाल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोखर को 10-10 साल की सजा सुनाई। अदालत ने कहा था, दोषियों को राजनीतिक शह प्राप्त थी। पुलिस-प्रशासन भी इन्हें बचाते रहे। आखिरकार सत्य की जीत हुई।

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