लखनऊ में उत्तर प्रदेश एटीएस के साथ कथित मुठभेड़ में मारे गए संदिग्ध सैफुल्लाह के पिता मोहम्मद सरताज ने आतंक को धर्म से जोड़े जाने पर आलोचना की हैं. उन्होंने कहा, आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता. उन्होंने कहा, आतंकियों का कोई मजहब नहीं होता. फिर चाहे वो हिंदू परिवार से हो या मुस्लिम परिवार से.

उन्होंने संसद में उनकी तारीफ़ किये जाने को लेकर राजनाथ सिंह का शुक्रिया अदा किया, और कहा, उन्होंने हम जैसे छोटे आदमी को याद किया, इसके लिए हम शुक्रगुजार हैं. सरताज ने सैफुल्ल्ह को लेकर कहा कि बीते ढाई-तीन महीनों में सैफुल्लाह का ब्रेन वॉश हुआ. इसके लिए उन्होंने सरकार को वॉट्सऐप जैसी चीजों पर फौरन रोक लगाने की मांग की.

उन्होंने कहा, “मै भी अपने बेटे से प्रेम करता था. हमें नहीं पता था कि उसका ब्रेन वॉश हो रहा था. एक दिन हमने उसे डांटा. वो नाराज हो गया। शाम को जब मैं घर लौटा तो पता लगा कि वो घर छोड़कर चला गया. मैंने बड़े लड़के से कहा कि अब तुम्हारे ऊपर घर की जिम्मेदारी है. ढाई-तीन महीने तक उसका कोई फोन नहीं आया. इसी वक्त में वो बिगड़ा. किसने उसे गुमराह किया, किसकी संगत में इस दौरान वो रहता रहा, ये हमें समझ नहीं आया.”

सरताज  ने आगे कहा, आतंकियों का कोई मजहब नहीं होता. फिर चाहे वो हिंदू परिवार से हो या मुस्लिम परिवार से. बचपन से नजर रखें तो बच्चों बचाया जा सकता है. उसके पास जो मोबाइल था, उसमें स्क्रीन नहीं थी. वो सिर्फ बटन दबाता रहता था. एक बात मैं जरूर कहना चाहता हूं कि मोबाइल पर वॉट्सऐप वगैरह की वजह से बच्चे गलत संगत में पड़ जाते हैं. मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि वो इस तरह की चीजों पर फौरन रोक लगाए.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?