उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज में यूपी एटीएस के हाथों मारे गए संदिग्ध सैफुल्लाह के पिता ने अब इस पुरे मामलें की न्यायिक जांच की मांग उठाई हैं. इसी के साथ इस बात का भी खुलासा हुआ है कि बेटे की लाश नहीं लेने के लिए उन पर दबाव था.

इस बात की जानकारी पत्रकार अरशद के हवाले से सिआसत ने दी हैं. पत्रकार अरशद का कहना हैं कि मैं लगातार उन लोगों के संपर्क में हूं जो लोग सैफ़ुल्लाह के पिता और उनके घरवालों से बातचीत कर रहे हैं. मुझे बताया गया है कि सरताज पर अपने बेटे की लाश नहीं लेने के लिए बुरी तरह दबाव बनाया गया है.’ आगे कहा कहा कि ‘धर्मनिरपेक्ष राष्ट्रवादियों से गुज़ारिश है कि वो इसे बढ़ा-चढ़ाकर ना पेश करें। इस कहानी में और भी बहुत कुछ है.’

इसके अलावा ये भी खुलासा हुआ हैं कि सरताज ने मीडिया के दबाव के चलते बेटे की लाश लेने से मना किया था. टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्टर उरूज खान से बातचीत में सरताज ने कहा, ‘वह काम पर थे, तभी कुछ लोग उनके पास पहुंचे और खुद को एटीएस का सदस्य बताया. उन्होंने कहा कि सैफुल्लाह ने खुद को कमरे में बंद कर लिया है और पुलिस पर फायरिंग कर रहा है. यह सुनकर मैं हैरान रह गया.’ इसके बाद वह घर पहुंचे तो टीवी पर लाइव एनकाउंटर चल रहा था.

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सरताज ने आगे कहा, ‘इसके बाद पत्रकार और चैनलों में काम करने वाले अन्य कर्मी उनके घर पर पहुंचने लगे. उन्होंने कहा कि मेरा बेटा आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है और पुलिसवालों पर गोलीबारी की है. मैंने उन पत्रकारों पर यक़ीन किया और उसकी बॉडी लेने से मना कर दिया.’

इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘मैं इस पूरे हादसे की जांच की मांग मीडिया के माध्यम से कर रहा हूं. उन्होंने कहा, न्यूज़ चैनलों से हुई बातचीत के दौरान भी मैंने जांच की मांग की लेकिन किसी ने मेरी मांग नहीं छापी. सरताज कहते हैं, मगर मैं जानना चाहता हूं कि इस मामले का सच क्या है ? वह महज़ दो महीने पहले घर से भागा और इस हद तक रेडिकलाइज़ हो गया कि लखनऊ में इतना बड़ा मामला हो गया.

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