इलाहबाद | बीजेपी की हिंदुत्ववादी सोच की वजह से,  देश के साधू संतो का समर्थन हमेशा से पार्टी के साथ रहा है. संतो के ज्यादातर संगठन , बीजेपी को चुनावो में समर्थन देते आये है. जिनका पार्टी को फायदा भी मिलता आया है. लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद , मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा माने जा रहे उत्तर प्रदेश चुनावो में यह प्रथा टूटती दिख रही है. जो बीजेपी के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है.

एएनआई की खबर के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनावो में बीजेपी को साधू संतो का समर्थन नही मिलेगा. खबर है की संतो की सबसे बड़ी संस्था अखाडा परिषद बीजेपी से नाराज चल रही है. भारतीय अखाडा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए कहा की इस बार के चुनावो में अखाडा परिषद् बीजेपी का समर्थन नही करेगी. नरेन्द्र गिरी ने कहा की हम विकास को अपना समर्थन देंगे.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

हालाँकि गिरी ने यह नही बताया की वो किस पार्टी का समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने कहा की जो भी पार्टी सही मायने में विकास ला सकती है , हम उसी पार्टी का समर्थन करेंगे. सूत्रों के अनुसार इस बार अखाडा परिषद् समाजवादी पार्टी का समर्थन कर सकती है. माना जा रहा है की साधू संत अखिलेश के विकास कार्यो से संतुष्ट है इसलिए वो उनका समर्थन कर सकते है.

इससे पहले अयोध्या के विवादित भूमि स्थल पर बने मंदिर के आचार्य ने भी बीजेपी सरकार को समर्थन देने के लिए शर्ते रखी थी. उन्होंने कहा था की हम तभी बीजेपी का समर्थन करेंगे अगर मोदी जी यह वादा करे की ,वो अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करेंगे. अखाडा परिषद् के फैसले पर बीजेपी की और से अभी कोई प्रतिक्रिया नही आई है. लेकिन 16 सालो से सत्ता से दूर रही बीजेपी के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है.

Loading...