नई दिल्ली आप नेता आशीष खेतान ने भगवा आतंकवाद को बेनकाब करते हुवे आरएसएस के सीनियर नेता इंद्रेश कुमार के खिलाफ नए सबूत पेश कर बीजेपी और भगवा संगठनो को मुश्किल में डाल दिया हैं. भगवा आतंकवाद के सबंध में 2010 में सीबीआई ने RSS नेता इंद्रेश कुमार से पूछताछ की थी।

आप नेता के अनुसार, कुमार के कॉल डेटा रिकॉर्ड से साफ है कि वह धमाकों के वक्त भगवा आतंकवाद के अभियुक्त देवेंद्र गुप्ता और सुनील जोशी से संपर्क में थे। खेतान के पद एक गोपनीय नोट हैं जिसे आईपीएस ऑफिसर एन आर वासन ने तैयार किया था, जब वह नैशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के अडिशनल डायरेक्टर जनरल थे। खेतान इस नोट के आधार पर दावा कर रहे हैं कि भगवा आतंकवाद में आरएसएस के टॉप नेताओं के शामिल होने से जुड़े सबूत होने के बावजूद एनआईए ने मक्का मस्जिद, मालेगांव जैसे मुकदमों को कमजोर कर दिया।

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खेतान ने कहा, ‘एनआईए के पास आरएसएस के सीनियर लीडर इंद्रेश कुमार के खिलाफ ठोस सबूत थे और जांच एजेंसी उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लेना चाहती थी। एक अहम सबूत इंद्रेश कुमार और ब्लास्ट के अहम अभियुक्त सुनील जोशी के बीच बातचीत थी। रिकॉर्ड्स बताते हैं कि इंद्रेश सुनील जोशी से संपर्क में थे। उन्होंने ब्लास्ट से पहले और इसके बाद जोशी से बात की थी। कॉल रिकॉर्ड्स बताते हैं कि इंद्रेश से सुनील जोशी बात कर रहे थे और इसके बाद बाकी अभियुक्तों और बम लगाने वालों को निर्देश जारी किए जा रहे थे।’

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