साध्वी प्रज्ञा को कोर्ट से नहीं मिली क्लीन चिट, अमित शाह ने किया था झूठा दावा ?

11:38 am Published by:-Hindi News

भोपाल लोकसभा सीट से मालेगांव विस्फोट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को टिकट देने के फैसले का अमित शाह ने बचाव करते हुए कहा था कि हिंदू टेरर नाम से जो फर्जी केस बनाया गया था, उसमें साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट मिल चुकी है।

पश्चिम बंगाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा था कि ‘जहां तक साध्वी प्रज्ञा का सवाल है तो कहना चाहूंगा कि हिंदू टेरर के नाम से एक फर्जी केस बनाना गया था, दुनिया में देश की संस्कृति को बदनाम किया गया, कोर्ट में केस चला तो इसे फर्जी पाया गया। उन्होंने आगे कहा कि सवाल ये है कि स्वामी असीमानंद और बाकी लोगों को आरोपी बनाकर फर्जी केस बनाया तो, समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट करने वाले लोग कहां है, जो लोग पहले पकड़े गए थे, उन्हें क्यों छोड़ा।’

हालांकि इस मामले में मुंबई के स्पेशल कोर्ट ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर को क्लीनचिट को खारिज करते हुए उनके खिलाफ 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोप तय किए। हालांकि इस मामले में एनआईए ने कोर्ट में मंगलवार को कहा कि ठाकुर के खिलाफ केस चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। ब्लास्ट में मारे गए सैयद अजहर के पिता निसार अहम सैयद बिलाल की ओर से दाखिल याचिका पर जवाब देते हुए एनआईए ने अपना रुख एक बार फिर दोहराया। मालेगांव धमाके में 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 101 लोग घायल हो गए थे।

बिलाल ने अपनी याचिका में मांग की थी कि मामले के मुख्य आरोपियों में से एक प्रज्ञा को चुनाव लड़ने से रोका जाए क्योंकि इस मामले में अभी भी ट्रायल चल रहा है। एनआईए ने कहा कि प्रज्ञा की उम्मीदवारी के खिलाफ याचिका पर उसे कुछ नहीं कहना है। एनआईए की ओर से कहा गया, ‘यह मामला चुनाव और निर्वाचन आयोग से जुड़ा हुआ है। इस मामले पर कुछ कहना एनआईए के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता क्योंकि चुनाव लड़ने का मामला केस से नहीं जुड़ा हुआ है। यह फैसला सिर्फ चुनाव आयोग द्वारा लिया जाना चाहिए। इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।’

एजेंसी ने कोर्ट से कहा, ‘हालांकि, यहां यह जिक्र करना उचित होगा कि एनआईए की ओर से 13 मई 2016 को चार्जशीट दाखिल की गई थी। एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ केस चलाने की सिफारिश की थी। यह भी बताया था कि आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (और 5 लोगों) के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले…जो उनके खिलाफ मामला चलाने लायक नहीं हैं।’

स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अविनाश रसल ने कहा कि ठाकुर को क्लीनचिट देने वाले पैराग्राफ को केस के बैकग्राउंड में जोड़ा गया था। जब उनसे पूछा गया कि प्रज्ञा के खिलाफ आरोप तय होने का जिक्र एनआईए के जवाब में क्यों नहीं है, इस पर रसल ने कहा, वह आगे चलने वाले प्रज्ञा के खिलाफ मुकदमे में सबूत रखेंगे।

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