क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और अभिनेत्री रेखा सहित राष्ट्रपति द्वारा नामांकित सदस्यों के लगातार अनुपस्थित रहने को लेकर राज्यसभा में उनके इस्तीफा देने की मांग उठने लगी हैं.

सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने गुरुवार को ये मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि यदि उनकी सदन की कार्यवाही में भाग लेने के इच्छुक नहीं है तो वे इस्तीफा क्यों नहीं दे देते. प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत सवाल उठाते हुए नरेश अग्रवाल ने कहा, ‘संवैधानिक व्यवस्था के तहत राज्यसभा में 12 सदस्य मनोनीत किए जाते हैं और क्रिकेट और फिल्म समेत विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को मनोनीत किया जाता है. हमें मनोनीत सदस्यों को सदन में देखने की ललक है। वे सदन में कभी नहीं आए. पूरा सत्र समाप्त हो गया, लेकिन हमने उन्हें नहीं देखा, चाहे वह तेंडुलकर हो या फिल्म अभिनेत्री रेखा या दूसरे लोग.’

उन्होंने कहा, यदि ये लोग लगातार सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हो रहे हैं इसका मतलब वे इसके लिए इच्छुक नहीं हैं. ऐसे में क्या उन्हें इस्तीफा नहीं दे देना चाहिए. अग्रवाल ने उपसभापति से कहा, उनके ऑफिस की ओर से नामांकित सदस्यों को सदन की कार्रवाही में  उपस्थित रहने के निर्देश दिए जाने चाहिए. यदि अध्यक्ष महोदय को मंजूर हो तो वे सदस्यों को पत्र लिख सकते हैं.

याद रहे भारत के राष्ट्रपति को अधिकार है कि वो साहित्य, विज्ञान, कला, समाजसेवा और खेल के क्षेत्र से जुड़े 12 लोगों को राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत कर सकते हैं। इसी के तहत सचिन और रेखा जैसी हस्ती राज्यसभा सांसद बने हैं.

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