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नोटबंदी के मुद्दें पर पाकिस्तान के बाद अब रूस ने भी राजनयिक स्तर पर सख्त विरोध किया हैं. दिल्ली स्थित रूसी दूतावास में करीब 200 लोग काम करते हैं. ऐसे में राजनयिकों को हो रही नकदी की भारी समस्या को लेकर रुसी दूत एलेक्जेंडर कदाकिन ने भारतीय विदेश मंत्रालय को चिट्ठी लिख कर विरोध जताया हैं.

कदाकिन ने चिट्ठी में लिखा कि सरकार द्वारा तय की गई यह सीमा दूतावास संचालन के खर्चों के लिए पूरी तरह नाकाफी है. उन्होंने कहा कि ये पैसे तो ‘एक ठीकठाक से डिनर का बिल चुकाने के लिए भी काफी भी नहीं’. ऐसे में ‘दिल्ली में इतना बड़ा दूतावास नकदी के बिना कैसे काम कर सकता है?

कदाकिन ने दूतावास द्वारा हफ्ते भर में अधिकतम 50,000 रुपये की निकासी सीमा तय किए जाने को ‘अंतरराष्ट्रीय चार्टर का उल्लंघन’ करार दिया.

इसके अलावा राजनयिक स्तर पर ‘काउंटर स्टेप’ उठाने की चेतावनी देते हुए रूसी सरकार द्वारा भारतीय राजदूत को तलब किये जाने की बात भी कही.


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