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मेरठ । हाल ही में सम्पन्न हुए नगर निगम चुनावों में भाजपा ने जहाँ 16 में से 14 निगमो पर क़ब्ज़ा किया वही बीएसपी ने दो नगर निगम की सीटों पर जीत दर्ज की। इनमे मेरठ और अलीगढ़ सीट शामिल है। मेरठ नगर निगम पर पहले भाजपा का क़ब्ज़ा था। इसलिए मेरठ की मेयर बनते ही बीएसपी उम्मीदवार सुनिता वर्मा ने पूर्व के भाजपा मेयर के फ़ैसलों को पलटना शुरू कर दिया। इनमे राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम’ को लेकर लिया गया फ़ैसला भी शामिल है।

मेयर सुनिता वर्मा ने साफ़ किया की नगर निगम की बैठकों में राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम’ का गायन नही होगा। इससे पहले भाजपा मेयर ने निगम की बैठकों में वंदेमातरम गाने को अनिवार्य कर दिया था। हालाँकि उनके इस फ़ैसले का कई विपक्षी पार्षदों ने विरोध भी किया था। अब चूँकि सत्ता बदल चुकी है इसलिए पूर्व मेयर के फ़ैसले भी बदले जा रहे है।     फिर भी सुनिता वर्मा के लिए यह इतना आसान भी नही होने जा रहा।

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इसकी एक बानगी शपथ ग्रहण समारोह के दौरान देखने को मिली। दरअसल मंगलवार को जब मेरठ नगर निगम में शपथ ग्रहण शुरू हुआ तो भाजपा पार्षदों ने वंदेमातरम गाना शुरू कर दिया। इस दौरान मेयर सुनिता वर्मा और बीएसपी पार्षद बैठे रहे। यह बात भाजपा पार्षदों को पसंद नही आयी इसलिए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान बीएसपी पार्षदों ने भी जवाबी पलटवार करते हुए नारेबाज़ी शुरू कर दी।

हैरान कर देने वाली बात यह है की इस पूरी वारदात के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी रही। जबकि शपथ ग्रहण समारोह के लिए सुरक्षा के पुख़्ता इन्तज़ाम किए हुए थे। बताया गया की समारोह के लिए  200 सिपाही 7 थानेदार, 5 सीओ के साथ ही पीएसी तैनात की गई थी. यही नही किसी को भी डंडा और झंडा अंदर ले जाने की इजाज़त नही थी। इसके अलावा एसपी सिटी ने स्पष्ट कहा था कि वंदेमातरम पर हंगामा करने वालों को बख़्सा नही जाएगा और जेल में डाल दिया जाएगा।

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