नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के बाद क्या मोदी सरकार दो बच्चों से जुड़ा कानून लाने जा रही है। दरअसल, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार शाम मुरादाबाद में कहा कि संघ का अगला एजेंडा जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर देशभर में आंदोलन करना है।

भागवत ने कहा, ‘‘सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिससे जनसंख्या पर लगाम लग सके।’’ संघ प्रमुख ने कहा कि यदि जनसंख्या नियंत्रण कानून बनता है तो इससे देश विकास के रास्‍ते पर चलेगा। भागवत मुरादाबाद स्थित MIT सभागार में जिज्ञासा सत्र के दौरान स्वयंसेवकों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

साथ ही उन्होने ये भी कहा कि यहां जितने लोग हैं, उन सबके पूर्वज हिंदू थे। यह सत्य है। बाहर से आया हुआ यहां कोई नहीं है। सब यहीं के हैं। उनके पूर्वज हिंदू थे। उनकी मातृभूमि भारत है, दूसरी नहीं।  संघ प्रमुख ने कहा कि उन सबको विरासत में यही धर्म और संस्कृति मिली है, तभी लोग आपस में मिलकर रहते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर समाज का हर तबका काम नहीं करता है तो कार्य का बंटवारा होगा। अगर सभी लोग सोते रहे तो भी काम नहीं चलने वाला। सबको करने की आदत लगनी चाहिए। संघ प्रमुख ने कहा कि देश का सबसे निकृष्ट व्यक्ति जितना अच्छा है, वैसा ही हमारे देश का वैभव है।

हालांकि इस पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक ने कहा, ‘‘मोहन भागवत जी दो बच्चों को लेकर कानून लाना चाहते हैं। शायद वे नहीं जानते कि महाराष्ट्र में इससे संबंधित कई कानून पहले से हैं। ऐसा ही कुछ और राज्यों में भी है। फिर भी यदि वे जबर्दस्ती पुरुष नसबंदी करवाना चाहते हैं तो मोदीजी को कानून बनाने दीजिए। हमने देखा है कि अतीत में भी ऐसा करने पर क्या हुआ है।

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