नई दिल्ली | कुछ दिन पहले दिल्ली के रामजस कॉलेज में हुई झड़प ने अब राजनितिक रंग ले लिया है. खिलाडियों ,नेता और बॉलीवुड के बाद अब आरएसएस ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है. आरएसएस का मानना है की इस पुरे फसाद के पीछे वाम दलों को हाथ है. उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर राष्ट्रविरोधी नारे लगाने की आजादी का विरोध किया.

आरएसएस के सर कार्यवाहक भैयाजी जोशी ने कहा की इस पुरे मामले में वाम दलों का हाथ है. वो कैंपस में जाकर छात्रों को भड़का रहे है. देश में अपनी जैसी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए वाम दल ऐसी साजिश रच रहे है. यह उनकी सोची समझी रणनीति का हिसा है. वाम दल अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर छात्रों को बरगला रहे है जिसकी वजह से देश में ऐसी स्थिति उत्पन हो रही है.

भैयाजी ने यूनिवर्सिटीज को चेताते हुए कहा की आप लोगो को इस बात की चिंता करनी चाहिए की कौन देश द्रोह का वातावरण निर्माण कर रहा है. उसके खिलाफ सख्ती से पेश आना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा की अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर राष्ट्र के खिलाफ बोलने की आजादी नही दी जा सकती. मालूम हो की पिछले साल जेएनयु में और इस साल रामजस कॉलेज में कश्मीर और बस्तर की आजादी के नारे लगे.

इससे पहले शहीद कैप्टेन मंदीप सिंह की बेटी गुरमेहर ने इस मामले में कूदते हुए ABVP के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक मुहीम शुरू की. जिसके बाद उनका काफी लोगो ने समर्थन किया तो वही कुछ लोगो ने उनको जान से मारने की और गैंगरेप करने की धमकी तक दे डाली. फ़िलहाल यह मामला पूरा टूल पकड़ रहा है. हालाँकि गुरमेहर को बॉलीवुड से लेकर खिलाडियों तक का समर्थन मिला है.


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