राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ट नेता इंद्रेश कुमार का कहना हैं कि देश का मुसलमान राम मंदिर के पक्ष में हैं. वह बाबरी मस्जिद ही नहीं बल्कि पुरे अयोध्या में ही मस्जिद नहीं चाहता हैं.

उन्होंने कहा, मुस्लिम कभी भी ऐसी मस्जिद स्वीकार नहीं करेंगे जो किसी व्यक्ति के नाम पर हो. जो लोग इस्लाम में विश्वास रखते हैं वे कहते हैं कि ऐसी मस्जिद नापाक होगी और हम इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे.

आरएसएस नेता ने दावा किया कि मुगल बादशाह बाबर के नाम पर इस मस्जिद का निर्माण वहां पहले से मौजूद दूसरे धर्म (हिन्दू) के पवित्र स्थल को गिरा कर किया गया है. उन्होंने कहा, ‘मस्जिद का नाम बाबर के नाम पर रखा गया है. इसलिए, इस्लाम के आधार पर यह अनैतिक, अवैध, असंवैधानिक और इस्लाम के खिलाफ है. यहां नमाज भी नहीं अदा की जाती थी.’

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इंद्रेश कुमार का कहना है कि मुसलमान लोग सोचने लग गए हैं कि अल्लाह ने भी इस मस्जिद को कबूल नहीं किया है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कई मुस्लिम संगठनों का मानना है कि मस्जिद खुदा के नाम पर होती है, पर ये तो इंसान के नाम पर है. इसी वजह से समझदार मुस्लिम अयोध्या में मस्जिद की वकालत नहीं करता. उन्होंने ये भी कहा कि आज तक कई सालों से कोई भी मुसलमान उसमें नमाज अदा करने नहीं गया.

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