बीजेपी के दिग्गज नेता और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी, GST जैसे मुद्दों पर घेरकर पहले ही मोदी सरकार की धज्जियां उड़ा डाली है. अब आरएसएस से जुड़े श्रम संगठन ने इस मुद्दे पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है.

भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष साजी नारायणन ने बयान जारी कर कहा कि अर्थव्यवस्था की मौजूदा सुस्ती रोजगार छीनने वाले सुधार और अर्थव्यवस्था को गलत दिशा में ले जाने का नतीजा है और यह सब कुछ पूर्ववती संप्रग सरकार की नीतियों का ही जारी रहना है.

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उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री मोदी के अच्छे इरादों व प्रयासों को सही विशेषज्ञों की कमी, संचार की कमी, सामाजिक क्षेत्रों से फीडबैक की कमी, गलत सलाहकारों पर निर्भरता और दिशाहीन सुधारों ने विफल कर दिया है.’

नारायणन ने कहा कि सरकार ने बेरोजगारी को कम करने के जिन उपायों पर अतिरिक्त जोर दिया है, उससे बेरोजगारी कम होने की बजाय बढ़ रही है व रोजगार कम हो रहे हैं. विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) ने पहले ही हमारे सूक्ष्म व लघु उद्योग व साथ ही खुदरा व्यापार क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित कर चूका है.

उन्होंने मोदी सरकार से मौजूदा सुधार प्रक्रिया वापस लेने की मांग की और कहा, रोजगार सृजन करने के लिए भर्ती प्रक्रिया से प्रतिबंध हटाया जाए. साथ ही किसी भी प्रोत्साहन पैकेज को निजी व कॉरपोरेट क्षेत्र को नहीं दिया जाना चाहिए. प्रोत्साहन पैकेज सीधे तौर पर तीन सबसे ज्यादा रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों-कृषि, लघु उद्योग क्षेत्र (विनिर्माण क्षेत्र सहित) व निर्माण क्षेत्र को मिलना चाहिए.’

भाषा इनपुट के साथ

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