हिंदुत्ववादी संगठनों के संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के लिए कोचिंग देने के लिए मुस्लिम संस्थानों को निशाना बनाने के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े एक कोचिंग सेंटर को यूपीएससी एक्जाम में 60 फीसद की कामयाबी मिली है।

इस वर्ष सिविल सेवकों के पद पर भर्ती के लिए भर्ती किए गए 759 उम्मीदवारों में से, 466 उम्मीदवारों ने आरएसएस के समकलप फाउंडेशन से कोचिंग ली थी, जो संकलप आईएएस कोचिंग सेंटर चलाता है। जहाँ इन 466 सफल उम्मीदवारों ने साक्षात्कार मार्गदर्शन कार्यक्रम (IGP) में भाग लिया था।

2018 में, 990 योग्य उम्मीदवारों में से 649 ने इस कोचिंग सेंटर से मार्गदर्शन लिया था। 2017, 2016 और 2015 में, क्रमशः 1,099, 1,078 और 1,236 की कुल भर्ती के खिलाफ संख्या 689, 648 और 670 थी।

कोचिंग सेंटर इस साल यूपीएससी में क्वालीफाई करने वाले 466 उम्मीदवारों के लिए 20 सितंबर को एक ऑनलाइन बैठक आयोजित कराने जा रहा है। बैठक को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नागालैंड के राज्यपाल आर एन रवि संबोधित करेंगे।

अपने मिशन और विजन स्टेटमेंट में, संकलप कोचिंग सेंटर का कहना है कि वह छात्रों में भारतीय लोकाचार और मूल्यों को विकसित करना चाहता है। कोचिंग सेंटर अपनी वेबसाइट पर अपने मिशन का वर्णन करता है, “छात्रों को पहचानने और मार्गदर्शन करने के लिए जो नागरिक सेवाओं के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान कर सकते हैं और उन्हें भारतीय मूल्यों और लोकाचार में मदद कर सकते हैं”।

दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर आर एस गुप्ता, जो कोचिंग सेंटर के वरिष्ठ पदाधिकारी हैं ने द प्रिंट से कहा, “हमारा दृष्टिकोण अन्य कोचिंग केंद्रों से बहुत अलग है। हम चुपचाप काम करना पसंद करते हैं, और मीडिया के साथ बिल्कुल भी बातचीत नहीं करते हैं। हम पब्लिसिटी नहीं चाहते।”

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano