नागपुर | पिछले कुछ महीनो से देश में तीन तलाक को लेकर खूब चर्चाये हो रही है. इस मुद्दे पर लगातार मीडिया ट्रायल किया जा रहा है. तीन तलाक को लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का स्पष्ट मत है की यह शरियत के कानूनों के मुताबिक है और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का दखल शरियत में दखल माना जायेगा. उधर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक को असंवैधानिक बताया है.

उधर आरएसएस ने भी तीन तलाक के खिलाफ अपनी आवाज मुखर करते हुए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर निशाना साधा. आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को गैरिस्लामिक और असंवैधानिक बताते हुए कहा की उनका तीन तलाक के पक्ष में खड़ा होना , शैतान के पक्ष में खड़ा होने के समान है. आरएसएस ने तीन तलाक के बारे में कहा की कुरान में भी इसका जिक्र नही किया गया है.

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आरएसएस से जुड़े राष्ट्रिय मुस्लिम मंच के संरक्षक इन्द्रेश कुमार ने कहा की तीन तलाक मानवता और महिलाओं के खिलाफ होने वाला सबसे बड़ा अत्याचार है. यह भारत के संविधान के अनुसार असंवैधानिक है. हमारे संविधान में पुरुष और महिला दोनों का बराबरी का हक़ दिया है. इन्द्रेश कुमार ने तीन तलाक को गैर इस्लामिक बताते हुए कहा की इसका जिक्र मुस्लिम के पवित्र ग्रन्थ कुरान शरीफ में भी नही है.

कुमार ने कहा की जब तीन तलाक और हलाला का जिक्र कुरान शरीफ में भी नही है तो इसको आगे क्यों बढाया जा रहा है. तीन तलाक पर मुस्लिम पर्सनल बोर्ड की भूमिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा की इस्लामकी सिद्धांतो के अनुसार यह संस्था गैरकानूनी है. बोर्ड को कोई इस्लामी, संवैधानिक या कानूनी दर्जा प्राप्त नहीं है. इसलिए इस संस्था का तीन तलाक के पक्ष में खड़ा होना शैतान की पैरवी करने के बराबर है. उन्होंने आगे कहा की यह देश के मुस्लिमो का प्रतिनिधित्व भी नही करती.

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