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मोदी सरकार के शासनकाल के आखिरी बजट को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रिया आ रही है. मिडिल क्लास और नौकरीपेशा वर्ग तो पहले ही नाराज है अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सहयोगियों ने भी बजट को ‘निराशाजनक’ करार दिया है.

आरएसएस के सहयोगी संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने कहा है कि सरकार ने बजट में  मजदूरों के हित में कोई घोषणा नहीं की है जिससे उन्हें निराशा मिली है. इसके अलावा वेतनभोगियों के लिए यह बजट अच्छा नहीं कहा जा सकता. बीएमएस कल देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी.

संघ के अध्यक्ष सजी नारायणन ने कहा कि केंद्र सरकार के बजट में यूं तो किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कई घोषणाएं की गई है लेकिन मजबूरों के बारे में कोई घोषणा नहीं की गई जिससे उन्हें निराशा मिली है. इस बजट को मजदूरों के लिए बेहतर नहीं कहा जा सकता.

उन्होंने कहा, सरकार ने आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के लिए भी कोई राहत नहीं दी. इसके अलावा वेतनभोगियों के लिए कोई राहत बजट दिखाई नहीं देती. आयकर स्लैब में किसी तरह की कोई राहत नहीं दी गई. जहां तक टैक्स डिडेक्शन की बात है तो वह केवल एक दिखावा है. शिक्षा पर सेस बढ़ा दिया गया है जो वेतनभोगियों पर भार डालेगा.

ध्यान रहे भारतीय मजदूर संघ ने पिछले साल नवंबर महीने में वित्त मंत्री से मुलाकात की थी और करमुक्त आय को 5 लाख रुपये तक करने की मांग की थी यही नहीं संगठन ने न्यूनत्तम मासिक पेंशन 3 हजार रुपये करने की मांग की थी.

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