vadra-kp3c-621x414livemint

नई दिल्ली | कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के दामाद राबर्ट वाड्रा ने नोट बंदी पर मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है. वाड्रा ने नोट बंदी को सरकार की मनमर्जी और सनक करार दिया. राबर्ट वाड्रा ने सरकार के नए नियम जिसमे कहा गया की 5000 से अधिक के पुराने नोट एक बार में ही जमा होंगे, का भी विरोध किया है.

राबर्ट वाड्रा ने मंगलवार को अपने फेसबुक वाल पर लिखा की आखिर कब तक और किस हद तक सरकार खुद को सही साबित करने के लिए हम सबके ऊपर प्रयोग करती रहेगी. अब सरकार कहती है की 5000 से अधिक के पुराने नोट बैंक में केवल एक बार जमा होंगे और वो भी पूछताछ के बाद. सरकार ने सभी वित्तीय संस्थाओ को पूछताछ केंद्र में तब्दील कर दिया है.

राबर्ट वाड्रा ने आगे लिखा की यह देखना बेहद दुखद है की सरकार की सनक और मनमर्जी की वजह से लोगो को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मैं लोगो की परेशानी को समझ सकता हूँ. इससे यह बात साबित होती है की सरकार ने नोट बंदी को बिना किसी योजना के लागु किया. यह पूरी तरह अनियोजित थी. रिज़र्व बैंक और सरकार आये दिन अपने नियम बदल रही है. इनको कुछ नही सूझ रहा.इससे जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है.

यह पहली बार नही है जब वाड्रा ने मोदी सरकार पर हमला बोला है. वाड्रा नोट बंदी के फैसले को पहले भी बेकार बता चुके है. वाड्रा ने कहा था की प्रधानमंत्री जी रोजाना अपना बयान बदल रहे है. वो कभी कहते है की कालेधन को खत्म करने के लिए नोट बंदी की , फिर बोला आतंकवाद को खत्म करने के लिए और अब कह रहे है की डिजिटल इकॉनमी बनाने के लिए यह कदम उठाया. उनको दिखना चाहिए की लोग पहले कैश की किल्लत से झूझ रहे है और फिर अपनी गाढ़ी कमाई निकालने के लिए बैंक और एटीएम की लाइन से झूझ रहे है.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें