अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान देश की राजधानी दिल्ली में शुरू हुआ खून-खराबा अभी जारी है। दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिये गए। लेकिन हिंसा अब भी जारी है। इस हिंसा में अठारह लोगों की मौत हो चुकी है। दो सौ के आसपास लोग घायल है। जिनमे कई गंभीर है।

दूसरी और दंगाई खुले आम लोगों को निशाना बना रहे है। जिसके आगे पुलिस भी लाचार और बेबस है। कई जगह पुलिस दंगाइयों के साथ नजर आ रही है। खबर है कि अशोक नगर में मंगलवार को दोपहर एक मस्जिद को निशाना बनाया गया। ‘जय श्री राम’ और ‘हिंदुओं का हिंदुस्तान’ का नारा लगाते हुए एक भीड़ ने मस्जिद को घेर लिया और मीनार पर हनुमान का झंडा लगा दिया। मस्जिद के आस-पास के दुकानों को लूटा गया जिसमें एक जूते-चप्पल की दुकान भी शामिल है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि लूटपाट करने वाले लोग उनके क्षेत्र के नहीं थे। इस इलाके में ज्यादातर हिंदू हैं, लेकिन कुछ मुस्लिम परिवार भी हैं। आग लगने के बाद आग बुझाने के लिए कुछ दमकलकर्मी पहुंचे थे, लेकिन यहां पर पुलिस नहीं थी।

इसके अलावा एक दरगाह को भी आग के हवाले किया गया है। बताया जा रहा है कि दंगाइयों ने भजनपूरा में दरगाह को आग के हवाले किया। द वायर की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कुछ लोगों की भीड़ ने रिपोर्टर से कैमरा यूज नहीं करने की चेतावनी देते हुए कहा कि हां हमने मजार जलाई है। जब पत्रकार ने पूछा कि आपमें से किसने जलाई है तो रिपोर्टर ने कहा कि हम सबने मिलकर जलाई है।

वहीं खबर है कि दिल्ली के जाफराबाद में धरने पर बैठी महिलाओं को मौके से हटा दिया गया है। पुलिस ने रास्ता क्लियर करा दिया है। जो महिलाएं धरने पर बैठीं थीं, उन्हें पुलिस ने हटा दिया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक महिलाएं नागरिकता कानून के खिलाफ धरने पर बैठी हैं, जो बातचीत के बाद उठने के लिए तैयार हो गईं।

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