कश्मीर को लेकर नहीं सुनी जा रही थी आवाज, आईएएस अधिकारी कन्नन का इस्तीफा

11:12 am Published by:-Hindi News

दादरा नगर हवेली में तैनात 2012 बैच के आईएएस अधिकारी गोपीनाथ कन्नन ने जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद उपजे हालात को लेकर भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया है। वे इन दिनों पावर एंड नॉन कन्वेंशनल ऑफ एनर्जी के सेक्रेट्री पद पर कार्यरत थे।

कन्‍नन गोपीनाथ अगस्‍त 2018 में उस समय चर्चा में आए थे जब उन्‍होंने बिना किसी को बताए केरल में आई भीषण बाढ़ के दौरान राहत कार्यों में हिस्‍सा लिया था और बाद में सुर्खियों में आए थे। वे कश्मीर कैडर के चर्चित आईएएस अधिकारी शाह फैसल के बाद सबसे कम उम्र में अपनी सर्विस से इस्तीफा देने वाले दूसरे आईएएस अधिकारी बन गए हैं।

उन्होंने कहा कि वह सिविल सेवा में इस उम्मीद से शामिल हुए थे कि वह उन लोगों की आवाज बन सकेंगे जिन्हें खामोश कर दिया गया लेकिन यहां, वह खुद की आवाज गंवा बैठे। उन्होंने कहा कि वह अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वापस चाहते हैं। वह अपनी तरह से जीना चाहते हैं, भले ही वह एक दिन के लिए ही हो।

एक मलयालम वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यदि आप मुझसे पूछे कि वह क्या कर रहे हैं तो जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में से एक देश पूरे राज्य पर प्रतिबंधों का एलान कर दे और यहां तक लोगों के मूलभूत अधिकारों का भी उल्लंघन करें तो ऐसे में कम से उन्हें जवाब देने में समक्ष होना चाहिए कि वह अपनी नौकरी छोड़ रहे हैं। सवाल उनके इस्तीफा देने का नहीं है बल्कि वह कैसे नहीं कर सकते हैं, का है।

उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफा को कोई असर नहीं होगा लेकिन जब देश मुश्किल घड़ी से गुजर है, तब यदि कोई उनसे पूछे कि उन्होंने क्या किया तो वह यह नहीं कहना चाहेंगे कि उन्होंने छुट्टी ली और उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। इससे बेहतर है नौकरी छोड़ना।

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