नई दिल्ली | अंग्रेजी न्यूज़ चैनल रिपब्लिक और आम दर्शको के बीच एक दिलचस्प जंग छिड़ी हुई है. इस जंग में कभी रिपब्लिक, आम दर्शको को मात देता दिखाई देता है तो कभी आम दर्शक , रिपब्लिक टीवी को. लेकिन अंत में बाजी सच के हाथ ही लगी. फेसबुक के सहयोग से आम दर्शको ने रिपब्लिक टीवी को दिन में तारे दिखा दिए. इसका नतीजा यह हुआ की रिपब्लिक ने अपनी हार मानते हुए गूगल स्टोर से अपनी एप को ही हटा लिया.

दरअसल रिपब्लिक टीवी पर पिछले कुछ दिनों से केरल से सम्बंधित काफी नेगटिव और फर्जी खबरे दिखाई जा रही है. इन खबरों के आधार पर लगातार टीवी डिबेट दिखाई जा रही है. ऐसा लगता है की रिपब्लिक टीवी एक प्रोपेगंडा के तहत केरल के बारे में फर्जी खबरों चला रहा है. इसलिए आम लोगो ने भी रिपब्लिक टीवी को सबक सिखाने का प्रण लिया. इसकी शुरुआत हुई रिपब्लिक एप से. आम दर्शको ने गूगल स्टोर पर इस एप को 1 रेटिंग देनी शुरू कर दी.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

घटती रेटिंग से परेशान होकर रिपब्लिक टीवी ने अपनी एप को गूगल स्टोर से हटा लिया. लेकिन आम दर्शक इतनी आसानी से पीछा छोड़ने वाले कहाँ थे. उनका अगला निशाना था रिपब्लिक टीवी का फेसबुक पेज. आम दर्शको ने इस पेज को एक स्टार रिव्यु देकर पेज की रेटिंग कम करनी शुरू कर दी. इसका असर यह हुआ की रिपब्लिक टीवी के पेज की रेटिंग 30 जुलाई से 14 अगस्त के बीच में घटकर 1.9 पर आ गयी, जो पहले 5 हुआ करती थी.

इसलिए रिपब्लिक टीवी को पेज बचाने के लिए फर्जी फेसबुक अकाउंट का सहारा लेना पड़ा. इसके सहारे रिपब्लिक ने दोबारा 5 रेटिंग हासिल कर ली. लेकिन जब आम दर्शको को इस बात भनक लगी तो उन्होंने दोबारा पेज पर 1 रिव्यु देना शुरू किया जिसकी वजह से पेज की रेटिंग एक बार फिर गिरनी शुरू हो गयी. हालाँकि जब फेसबुक को इसकी भनक लगी तो उन्होंने फर्जी अकाउंट से किये गए सभी रिव्यु को हटा दिया. पहले जिस पेज पर 5 स्टार के 72 हजार रिव्यु थे वो अचानक से घटकर 44 हजार पर आ गए.

इसका असर यह हुआ की रिपब्लिक की रेटिंग घटकर 1.9 पर रह गयी. जहाँ पेज पर 5 स्टार के 44 हजार रिव्यु थे वही 1 स्टार के करीब 1 लाख 22 हजार रिव्यु है. हालाँकि रिपब्लिक ने पेज को बचाने के लिए काफी हथकंडे अपनाये. यहाँ तक उन्होंने पेज से रिव्यु बटन ही हटा लिया. लेकिन आलोचना होने के बाद इसको वापिस लाया गया.