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नई दिल्ली | बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी पर लगे आर्थिक अनियमितताओ के आरोपों के बीच न्यूज़ चैनल ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी. यह रिपोर्ट एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर श्रीनिवासन जैन और मानस प्रताप सिंह द्वारा तैयार की थी. लेकिन अब यह रिपोर्ट एनडीटीवी की वेबसाइट से हटा ली गयी है. खुद श्रीनिवासन जैन ने इस बात की पुष्टि करते हुए इस पर चिंता व्यक्त की है.

श्रीनिवासन जैन ने ट्वीट कर इस बात की पुष्टि की. उन्होने अपने ट्वीट में लिखा,’ “एक हफ्ते पहले जय शाह की कंपनी को दिए गये लोन पर मानस प्रताप सिंह और मेरे द्वारा की गयी एक रिपोर्ट को एनडीटीवी की वेबसाइट से हटाया गया था. पूछने पर एनडीटीवी के वकीलों ने बताया की उस रिपोर्ट पर काफी क़ानूनी नुक्ताचीनी की जा रही थी. जैन ने आगे बताया की अभी तक यह रिपोर्ट वापिस नही लगायी गयी है.

इसको दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जैन ने कहा की यह रिपोर्ट पूरी तरफ से सार्वजानिक रूप से मौजूद तथ्यों पर आधारित थी. इसमें कोई भी निराधार या अवांछित आरोप नही लगाया गया था. ऐसे में क़ानूनी नुक्ताचीनी की वजह से रिपोर्ट को हटाना बेहद दुर्ग्भाग्य्पूर्ण है. ऐसे हालातो में पत्रकारों के लिए काफी मुश्किल है. अभी यह केवल एक परेशानी भर है और फ़िलहाल मैं हमेशा की तरह एनडीटीवी पर पत्रकारिता करता रहूँगा.

जैन ने ये बाते एनडीटीवी को भी बता दी है. उल्लेखनीय है की जैन की यह रिपोर्ट 9 अक्टूबर को ‘लोन्स टू जय शाह: क्रोनिइज्म ऑफ बिजनेस एज यूजुअल?’ शीर्षक के साथ प्रकाशित की गयी थी. उसी दिन इस रिपोर्ट को एनडीटीवी के यूट्यूब चैनल पर भी अपलोड कर दिया गया. 12 अक्टूबर को चैनल ने बताया की इस रिपोर्ट की वजह से काफी क़ानूनी नुक्ताचीनी की जा रही है. बाद में इस रिपोर्ट को वेबसाइट से हटा लिया गया. हालाँकि यूट्यूब से अभी तक इस रिपोर्ट को नही हटाया गया है.

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