Tuesday, October 26, 2021

 

 

 

अयोध्या केस में मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट, ऐतिहासिक मस्जिदों के बदले में मुस्लिम पक्ष…

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अयोध्‍या के ऐतिहासिक भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई बुधवार को 40वें दिन पूरी हुई जिसके बाद मामले में नया मोड़ आ गया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मध्यस्थता पैनल ने कोर्ट को सूचित किया है कि वह समझौते तक पहुंच चुका है.

मध्यस्थता पैनल के करीबी सूत्रों ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्वाणी अखाड़ा, निर्मोही अखाड़ा, राम जन्मभूमि पुनरोद्धार समिति और कुछ अन्य हिंदू पक्ष विवादास्पद भूमि विवाद को निपटाने के पक्ष में हैं. पार्टियों ने अयोध्या भूमि विवाद को पूजा स्‍थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम-1991 के प्रावधानों के तहत हल करने की मांग की है. हालांकि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को इसके दायरे से बाहर रखा गया है.

सूत्रों ने कहा कि मुस्लिम पक्षकारों ने सुझाव दिया है कि सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन भूमि, सरकार को अधिग्रहण में दी जा सकती है और वक्फ बोर्ड एएसआई मस्जिदों की एक सूची पेश कर सकता है, जिसके बाद इस सूची के मुताबिक सरकार नमाज के लिए उन्हें जगह उपलब्ध करा सकती है.

babri masjid

वहीं सुन्नी वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता शाहिद रिज़वी ने NDTV को बताया, “हमने मध्यस्थता पैनल को अपने विचार दिए हैं लेकिन हम अदालत में प्रस्तुत किए गए निपटारण योजना का खुलासा नहीं कर सकते हैं. यह सकारात्मक है और सभी लोग, हिंदू और मुसलमान खुश होंगे. ” यह पूछने पर कि क्या दोनों पक्ष समझौते से खुश होंगे, रिज़वी ने कहा, “यह हिंदू और मुस्लिम दोनों के लिए एक जीत की स्थिति है.”

हालांकि बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा है कि वह राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करेंगे और फैसले को चुनौती देने वाली कोई याचिका दाखिल नहीं करेंगे. इकबाल अंसारी ने कहा कि वह खुश हैं कि मामला अब अपने तार्किक अंजाम तक पहुंच रहा है.

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