अकाल तख्त के जत्थेदार ने कहा – कश्मीरी लड़कियों की हिफाजत सिखों की धार्मिक जिम्मदारी

7:17 pm Published by:-Hindi News

धारा 370 हटने के बाद कश्मीरी लड़कियों को लेकर सोशल मीडिया और बीजेपी नेताओं के आ रहे विवादित बयानों के चलते अकाल तख्त के एक जत्थेदार ने शुक्रवार को सिख समुदाय से कश्मीरी लड़कियों की सुरक्षा की अपील की।

सिखों की सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि ईश्वर ने सभी मनुष्यों को एकसमान अधिकार दिए हैं। इसी वजह से किसी के भी साथ लिंग, जाति और धर्म के आधार भेदभाव करना अपराध है।

उन्होने कहा, अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद सोशल मीडिया पर कश्मीरी लड़कियों के खिलाफ जिस तरह की टिप्पणियां चुने हुए प्रतिनिधि कर रहे हैं वो ये केवल अपमानित करने वाली बल्कि अक्षम्य हैं।

किसी का भी नाम लिए बिना उन्होंने कहा, ‘इससे भारत की छवि को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसे बयान महिलाओं को महज एक वस्तु समझने जैसे हैं। ऐसा कहते वक्त लोग भूल जाते हैं कि उनकी मां, बेटी, बहन या पत्नी भी एक महिला है। वह महिला ही जिसके पास सृजन की ताकत है।’

sikh flag

उन्होंने किसी भी व्यक्ति या समुदाय का नाम लिए बिना कहा कि कश्मीरी महिलाओं को निशाना बनाने वाली ये वहीं भीड़ है और ठीक उसी तरह प्रतिक्रिया कर रही है जैसा 1984 दंगो के दौरान उन्होंने शिख महिलाओं के खिलाफ की थी। कश्मीरी महिलाएँ हमारे समाज का हिस्सा हैं। उनके सम्मान की रक्षा करना हमारा धार्मिक कर्तव्य है। कश्मीरी महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए सिखों को आगे आना चाहिए। यह हमारा कर्तव्य है और यह हमारा इतिहास है।

इसी बीच दिल्ली के एक सिख कार्यकर्ता हरमिंदर सिंह अहलूवालिया ने महाराष्ट्र में फंसी 34 कश्मीरी लड़कियों को उनके घर पहुंचाने का जिम्मा उठाया है। उन्होंने लड़कियों को जाने के लिए टिकट खरीदकर देने के लिए 4 लाख रुपए जुटाए हैं।

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