नई दिल्‍ली :  जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ पकड़े गए पूर्व डीएसपी देविंदर सिंह को पुलिस विभाग ने बर्खास्त करने की मांग की है।

जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह (Dilbag Singh) ने कहा है कि डीएसपी दविंदर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है. पुलिस विभाग ने सरकार से उसे बर्खास्त करने की मांग की है। इस कार्रवाई के साथ उससे उसका वीरता मैडल भी वापस लिया जाएगा।

इसी बीच अफज़ल गुरू की पत्नी ने दावा किया है कि आतंकियों के साथ पकड़े गए डीएसपी देविंदर सिंह को एक लाख रुपये देने के लिये उसने साल 2000 में अपने गहने बेंचे थे। संसद हमले के दोषी मोहम्मद अफज़ल गुरू ने अपने वकील को पत्र लिखा था। जिसमें उसने लिखा था कि कैसे जम्मू-कश्मीर के पुलिस अधिकारी ने उसका टॉर्चर किया था।

बता दें कि डीएसपी दविंदर सिंह श्रीनगर एयरपोर्ट पर एंटी हाईजैकिंग स्क्वॉड में तैनात थे। गिरफ्तारी के बाद उनकी कार और घर की तलाशी ली गई। कार से 2 एके-47 राइफल मिली थी, जबकि घर में तलाशी के दौरान 1 एके-47 और 2 पिस्टल बरामद हुए थे। जांच के दौरान ये भी पता चला है कि डीएसपी ने गिरफ्तारी के एक दिन पहले हिजबुल आतंकियों नवीद बाबू, अल्ताफ और उनके साथी इरफान को अपने घर पर ही पनाह दी थी, जहां उनकी खातिरदारी भी हुई थी। इरफान वकील बताया जा रहा है, यही आतंकी नवीद बाबू और अल्ताफ को डीएसपी दविंदर सिंह के घर लेकर गया था। शनिवार को इन सभी को गिरफ्तार किया गया है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, ‘एसपी को सूचना मिली थी कि i10 कार से दो आतंकी जम्मू की तरफ जा रहे हैं। गाड़ी बहुत स्पीड में थी। ऐसे में एसपी शोपियां ने मुझे इसकी सूचना दी। फिर मैंने डीआईजी साउथ कश्मीर को उस इलाके में चेक पॉइंट लगाने का ऑर्डर दिया।’

आईजी के मुताबिक, ‘जब कार को रोका गया और सभी पुलिसवाले हैरान रह गए. अंदर तीन लोगों के साथ डीएसपी दविंदर सिंह थे। गाड़ी में सवार सभी लोगों ने पगड़ी पहनी हुई थी, ताकि किसी को शक न होने पाए। डीएसपी के साथ ये तीन लोग हिजबुल आतंकी नवीद बाबू, अल्ताफ और वकील इरफान थे. इनके चंडीगढ़ जाने की बात भी सामने आ रही है। आरोप है कि डीएसपी इन आतंकियों को घाटी से बाहर निकालने की फिराक में थे

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