Tuesday, June 28, 2022

RBI के पास नहीं नोटबंदी में पेट्रोल पंप पर इस्तेमाल हुए 500, 1000 के नोटों का हिसाब

- Advertisement -

नई दिल्ली. भारत में नोटबंदी के दौरान 23 जगहों पर 500 और 1000 के पुराने नोटों को खपा दिया गया। जिनमे पेट्रोल पंप, रेलवे टिकट और बिजली-पानी आदि के बिलों के भुगतान शामिल थे। इस दौरान 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों का जमकर इस्तेमाल किया गया था। लेकिन आरबीआई के पास इसका कोई आंकड़ा नहीं है।

आरबीआई ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई एक जानकारी के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा कि बिलों के भुगतान के लिए इस्तेमाल किए गए पुराने नोटों के संबंध में हमारे पास जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरबीआई ने पिछले साल अगस्त में कहा था कि 500 और 1,000 रुपये के 99.3 फीसदी नोट बैंकिंग प्रणाली में वापस आ गए हैं। नोटबंदी के समय 500 और 1,000 रुपये मूल्य वाले 15.41 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में थे। इनमें से 15.31 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों के पास वापस आ चुके हैं।

सरकार ने 25 नवबंर 2016 से 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोट बदलने पर रोक लगा दी थी। हालांकि लोगों की सहूलियत के लिए सरकार ने 23 सेवाओं के बिलों का भुगतान कुछ समय के लिए ऐसे पुराने नोट के जरिए करने की छूट दे रखी थी। इन सेवाओं में सरकारी अस्पताल, रेल, सार्वजनिक परिवहन, हवाई अड्डों पर विमान टिकट, दुग्ध केंद्रों, शमशान, पेट्रोल पंप, मेट्रो रेल टिकट, डॉक्टर के पर्चे पर सरकारी और निजी फार्मेसी से दवा खरीदने, एलपीजी गैस सिलेंडर, रेलवे खानपान, बिजली और पानी के बिल, एएसआई स्मारकों के प्रवेश टिकट और पथ-कर नाकों पर शुल्क आदि शामिल थे।

demonetise

अमान्य या बदले गए पुराने नोटों की संख्या और मूल्य को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में रिजर्व बैंक ने 28 नवंबर 2016 को जारी बयान का हवाला दिया। इसमें कहा गया था कि 10 नवंबर से 27 नवंबर तक बैंकों में 8,44,982 करोड़ रुपये के चलन से बाहर किए जाने वाले नोट जमा किए गए हैं या बदले गए हैं। इसमें कहा गया था कि इनमें से 33,948 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदले गए थे और 8,11,033 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।

केंद्रीय बैंक ने कहा, “बैंकों के काउंटर पर निर्दिष्ट बैंक नोटों (एसबीएन) के बदलने की सुविधा 24 नवंबर , 2016 तक उपलब्ध थी।” आरबीआई ने यह भी कहा कि उसके पास बीमा पॉलिसी जैसे केवाईसी अनुरूप उत्पादों को खरीदने में उपयोग किए गए एसबीएन की संख्या की जानकारी नहीं है। केंद्रीय बैंक ने आरटीआई के एक हिस्से को भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) को भी भेजा है। इरडा ने भी कहा है कि बीमा पॉलिसी के भुगतान में उपयोग होने वाले पुराने नोट के बारे में उसके पास जानकारी नहीं है क्योंकि प्राधिकरण ऐसे आंकड़े नहीं रखता।

- Advertisement -

Hot Topics

Related Articles