भारतीय रिजर्व बैंक ने आज नोटबंदी का आकड़ा जारी कर दिया है. जिसमे बताया गया कि नोटबंदी के दौरान 1000 रुपए के 99 फीसदी नोट वापस आ गए. जिनकी वैल्यू 15.44 लाख करोड़ है. 1000 रुपये के 8.9 करोड़ नोट (1.3 फीसदी) वापस नहीं लौटे हैं.

आरबीआई के अनुसार मार्च 2017 तक 1000 रुपए के करीब 89 मिलियन नोट प्रचलन में थे. जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 6.33 बिलियन का रहा था. ऐसे में  कुल 15.44 लाख करोड़ रुपए में से 15.28 लाख करोड़ रुपए आरबीआई के पास वापस आ गए.

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आरबीआई के मुताबिक नए नोटों की छपाई पर 7,965 करोड़ रुपये खर्च हुआ. नोटबंदी के दौरान 1000 रुपए के 8.9 करोड़ नोट जमा नहीं हो सकने की वजह से यह खर्च करीब दोगुना हुआ है. पिछले वित्तीय वर्ष में नोटों की छपाई पर खर्च 3,421 करोड़ रुपये आया था.

आरबीआई ने बतया, उसने नोटबंदी के बाद दो महीने के अंदर कुल 2380 करोड़ नोट बाजार में सर्कुलेट किए, जिनकी कीमत 5.54 लाख करोड़ रुपए थी. हालांकि नोटबंदी के बाद अब करेंसी डिमांड 87 फीसद के आसपास रही है. आंकड़ों के अनुसार सर्कुलेशन में नोटों की वैल्यू में 20.2 फीसदी की गिरावट आई, जिसके बाद यह मार्च अंत तक 13.1 लाख करोड़ रुपए हो गया.

मार्च 2017 तक सालाना आधार पर 86.4 फीसद करेंसी में से 73.4 फीसद हिस्सा 500 और उससे ऊपर के मूल्यवर्ग वाले नोटों का था वहीं मार्च 2017 तक 2000 रुपए के नोट कुल सर्कुलेशन का 50.2 फीसद हिस्सा रहे थे. हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक पहले ही कह चुका है कि 200 रुपए की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी.

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