Friday, July 30, 2021

 

 

 

आरबीआई को नही मालूम, नोट बंदी के बाद कितने नए नोट छपे

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हैदराबाद | 8 नवम्बर को नोट बंदी की घोषणा के बाद पुरे देश में कैश की भारी किल्लत रही. लोगो के पास पर्याप्त मात्रा में नयी करेंसी नही पहुंची. गाँव देहात की बात तो छोडिये, देश की राजधानी दिल्ली के एटीएम और बैंकों के पास भी पर्याप्त नकदी नही थी. जब इस बारे में आरबीआई से सवाल किया गया तो उनका एक ही रटा रटाया जवाब था की पर्याप्त मात्रा में नए नोट छप चुके है, थोड़ी बहुत परेशानी करेंसी चेस्ट तक पहुँचाने में हो रही है.

विपक्ष ने कई बार मोदी सरकार और आरबीआई से सवाल किया की वो बताये कितने नए नोट छापे गए है, लेकिन हर बार आरबीआई का यही जवाब मिला. उधर खबर मिली है की आरबीआई को यह जानकारी ही नही है की नोट बंदी के बाद कितने नए नोट छापे गए. एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने कहा की उन्हें नही मालुम की नोट बंदी के बाद कितने नए नोट छापे गए.

मुंबई के आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली ने आरबीआई से आरटीआई लगाकर पुछा था की नोट बंदी के बाद 10, 20, 50, 100, 500 और 2000 के कितने नोट छापे गए? इस आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने कहा की उन्हें इसकी जानकारी नही है. भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मद्रास (BRBNMPL) बंगलौर और सिक्यूरिटी प्रिंटिंग एंड माइनिंग कारपोरेशन (SPMCL) नयी दिल्ली के पास नोट छापने की जिम्मेदारी है. उन दोनों के पास यह आरटीआई भेज दी गयी है. वहां से आंकड़े उपलब्ध होने के बाद ही कोई जानकारी दी जा सकेगी.

उधर नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के वाईस चेयरमैन मर्री शशिधर रेड्डी ने आरबीआई के जवाब पर हैरानी जताते हुए कहा की ऐसा लग रहा है की की आरबीआई जानबूझकर जानकारी देना नही चाहता. रेड्डी ने इससे सम्बंधित के पत्र चुनाव आयोग को भी लिखा है. इस पत्र में रेड्डी ने चुनाव आयोग से मांग की है की वो आरबीआई से इससे सम्बंधित जानकारी हासिल करे.

रेड्डी ने पत्र में यह भी अंदेशा जताया की सत्ता धारी पार्टी बीजेपी , चुनाव वाले राज्यों में कैश भेजकर फायदा उठाने की फ़िराक में है. रेड्डी ने आगे कहा की क्या बिना आरबीआई के आर्डर के BRBNMPL और SPMCL को इतना अधिकार है की वो कितने भी नोट छाप सके? इससे पहले आरबीआई ने उस आरटीआई का भी जवाब देने से मना कर दिया था जिसमें पुछा गया था की नोट बंदी के 10 दिन बाद तक बैंकों ने कितना पैसा लोगो में बांटा है.

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