केरल राज्य 100 साल में आई सबसे बड़ी बाढ़ से जूझ रहा है। इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक के बोर्ड डायरेक्टर एस गुरुमूर्ति ने भारी बारिश और बाढ़ को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जोड़ दिया है।

गुरुमूर्ति ने ट्वीट कर कहा कि, “सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को यह देखना चाहिए कि क्या केरल में विनाशकारी बारिश और सबरीमाला मामले में जो हो रहा है, उसके बीच कोई संबंध है?  यहां तक कि अगर लाखों में से किसी एक मौके के साथ भी इसका संबंध होता है तो लोग अयप्पा के खिलाफ मुकदमा को पसंद नहीं करेंगे।”

यह उन्होंने हरी प्रभाकरण द्वारा केरल में बाढ़ को लेकर किए गए एक ट्वीट पर रिट्वीट करते हुए लिखा। प्रभाकरण ने लिखा है, “भगवान से उपर कोई नियम नहीं है। यदि आप भगवान के ऊपर कोई कानून नहीं है, … यदि आप सभी को मंदिर में प्रवेश की अनुमति देते हैं, तो वह हर किसी से इनकार करता है।”

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला मंदिर में मासिक धर्म के उम्र वाली महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

गुरुमूर्ति ने एक और ट्वीट किया। जिसमे उन्होने लिखा, ‘मैंने यह कहा- यदि इस मामले और बारिश में हल्‍का सा भी कनेक्‍शन हो सकता है तो लोग- फिर से कहता हूं लोग- नहीं चाहेंगे कि फैसला अयप्‍पन के खिलाफ जाए। यदि लोगों की मान्‍यता के बारे में है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मैं अयप्‍पा का भक्‍त नहीं हूं और सबरीमाला भी नहीं जाता।’

उन्‍होंने आगे लिखा, ‘भारतीय बुद्धिजीवियों के दोगलेपन को देखकर हैरान हूं जो लोगों की आस्‍था को खारिज कर देते हैं। 99 फीसदी भारतीय भगवान में विश्‍वास करते हैं। उदारवादी, धर्मनिरपेक्ष, बुद्धिजीवी को मिलाकर 100 फीसदी लोग ज्‍योतिष को मानते हैं। नास्तिक करुणानिधि के समर्थकों ने भी उनके लिए प्रार्थना की थी. मैं उन लोगों में से हूं जो ज्‍योतिष के बजाय भगवान को मानते हैं।’