Monday, May 17, 2021

वसीम रिजवी की याचिका खारिज, लगा 50000 रु का जुर्माना, नरसिंहानंद भी जल्द पाएगा सज़ा: रज़ा एकेडमी

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नई दिल्ली: 26 आयतों को कुरान से अलग करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमेन वसीम रिजवी की याचिका को सुपीम कोर्ट ने न केवल खारिज कर दिया बल्कि उस पर 50000 रुपए का भी जुर्माना लगाया।

इस मामले में पक्षकार रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी साहब ने बताया कि वसीम रिजवी की और से दायर विवादास्पद याचिका की 12 अप्रेल को जस्टिस रोहिंटन फाली, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऋषिकेश राय वाली माननीय सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने सुनवाई की। पीठ ने रिजवी की याचिका को न केवल खारिज किया बल्कि कोर्ट का कीमती समय बर्बाद करने को लेकर उस पर 50000 रुपए का जुर्माना भी लगाया।

उन्होने बताया कि रज़ा एकेडमी सहित अन्य सुन्नी मुस्लिम संस्थाओं की और से मशहूर एडवोकेट रिजवान मर्चेंट और एडवोकेट हरिहरन, एडवोकेट आलोक कुमार मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को आधारहीन बताते हुए याचिकाकर्ता और शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी को फटकार लगाई और उस पर 50 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि मुझे इस एसएलपी के बारे में सारे तथ्य पता हैं  इस पर जस्टिस आरएफ नरीमन के नेतृत्व वाली बेंच ने कहा कि ये एसएलपी नहीं रिट है और आप अपनी याचिका को लेकर कितने गंभीर हैं? कोर्ट ने कहा कि ये आधारहीन याचिका है।

नूरी साहब ने कोहराम न्यूज़ से विशेष बातचीत में कहा कि कुरान की हिफाजत अल्लाह के जिम्मे है। यह हर मुसलमान का ईमान है। लेकिन कुरान पर उंगली उठाने वालों को जवाब भी दिया जाना जरूरी है। इसलिए भारतीय संविधान का सम्मान करते हुए रज़ा एकेडमी ने दुनिया भर के 2 अरब मुसलमानों की और से न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। आज सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया वो न केवल मुसलमानों की जीत है बल्कि भारतीय संविधान की भी कामयाबी है।

उन्होने हुजूर की शान में गुस्ताखी करने वाले स्वामी यति नरसिंहानंद को लेकर कहा कि जल्द ही वह और उसके जैसे लोग सज़ा पाएंगे। रज़ा एकेडमी देश भर में एक बड़ी मुहिम के साथ इस्लाम के दुश्मनों और गुस्ताखों के खिलाफ खड़ी है। जिसमे आम मुसलमानों का साथ जरूरी है।

फैसला आने के बाद रज़ा एकेडमी के प्रतिनिधिमण्डल ने हजरत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह में हाजिरी दी और शुक्र ए इलाही अदा किया। जहां सज्जादानशीन सय्यद हमाद निजामी ने बड़ा इस्तकबाल किया और दुआओं से भी नवाजा। इस मौके पर मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी, लखनऊ के मौलाना आजम हाशमी, जालौन के मौलाना इरशाद सैकफी, सैयद जमील रिजवी, दिल्ली के सैयद अज़ीम रिजवी और मालेगांव के रिजवी सलीम शहजाद आदि मौजूद रहे।

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