Monday, June 14, 2021

 

 

 

फिलिस्तीनीयों पर मस्जिदुल अक्सा में इस्राइल का जुल्म, सयुंक्त राष्ट्र और मुस्लिम देश की खामोशी शर्मनाक: अल्हाज सईद नूरी

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मुंबई: मुसलमानों के तीसरे सबसे पवित्र धार्मिक स्थल क़िबला ए अव्वलीन मस्जिदुल अक्सा में बीती रात को इस्राइली बलों के फिलिस्तीनी और अरबी मुसलमानों पर किए गए जुल्म की रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने कड़ी आलोचना की और सयुंक्त राष्ट्र, इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और इस्लामिक मुल्कों की खामोशी को शर्मनाक बताया।

उन्होने कहा कि फिलिस्तीन की जमीन पर इस्राइल ने अवैध कब्जा जमाया हुआ है। फिलिस्तीनीयों को उनकी जमीन से बेदखल कर दिया गया। जुल्म और अत्याचार के दम पर फिलिस्तीनीयों की जमीन पर यहूदी बस्तियों को बसाया जा रहा है। जिस पर सयुंक्त राष्ट्र सहित जर्मनी, ब्रिटेन, स्पेन आदि मुल्कों ने विरोध किया। लेकिन मुस्लिम देशों ने बेशर्मी के साथ चुप्पी साध रखी है और तमाशाई बने हुए है।

नूरी साहब ने कहा कि इस्राइलियो और जायोनियों को मजलूम फिलिस्तीनीयों के खून के एक-एक कतरे का जवाब देना होगा। जल्द ही एक नए दौर का आगाज होगा। जब लहू पुकारेगा और बुजुर्ग, बच्चों नौजवानों के बहने वाला खून राएगा नहीं जाएगा।

उन्होने बताया कि फिलिस्तीनी मुस्लिम शेख जराह में इस्राइल के द्वारा अपनी ज़मीनों के अवैध कब्जे के विरोध और मस्जिदुल अक्सा में अपने अधिकारों की बहाली के लिए एकत्रित हुए थे। इस दौरान वह दुआ कर रहे थे कि इस्राइली बलों ने गोलियों की बौछार कर दी। जिसमे 180 के करीब लोग जख्मी हुए। कई के शहीद होने की भी अफसोसनाक खबर है।

नूरी साहब ने भारत सरकार से भी अपील करते हुए कहा कि वह इस्राइली राजदूत को तलब कर विरोध जताए। साथ ही सयुंक्त राष्ट्र, इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और इस्लामिक मुल्कों को फिलिस्तीनीयों के लिए मदद भेजने और इस्राइल के जुल्म को रोकने के लिए कदम उठाए। इस दौरान हजरत मौलाना खलीलऊररहमान, हजरत मौलाना अब्बास रिजवी, हजरत मौलाना कारी शाकीब रज़ा, हजरत हाफ़िज़ जुनेद रशिदी, मुहम्मद नाज़िम खान, मुहम्मद मुजम्मिल आदि मौजूद रहे।

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