मुंबई:  इस्‍लाम और पैगंबर मोहम्‍मद (ﷺ) के खिलाफ महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्‍पणी को लेकर पूरे देश के मुसलमानों भड़के हुए है। महाराष्ट्र में मुस्लिम संगठन रज़ा एकडमी ने यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ शनिवार को एफ़आईआर दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

इस मामले में रज़ा एकडमी के प्रमुख अलहाज मुहम्मद सईद नुरी और सय्यद मोइनूद्दीन अशरफ अशरफी साहब के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई शहर के नगर मंत्री असलम शेख से भी मुलाक़ात की और हुजूर के गुस्ताख़  नरसिंहानंद सरस्वती की गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन दिया।

इस दौरान सय्यद मोइन मियां ने कहा कि हम अपने आका की नामुस के लिए अपनी जानों को कुर्बान कर सकते है लेकिन उनका अपमान हरगिज बर्दाश्त नहीं कर सकते है। उन्होने कहा कि नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिससे ऐसा करने की दूसरों की भी हिम्मत न हो।

वहीं अल्हाज सईद नुरी साहब ने कहा कि नरसिंहानंद सरस्वती समाज में रहने लायक नहीं है। यह शख्स भगवा चौला पहन हिन्दू धर्मगुरु होने के ढोंग कर रहा है। एक बड़ी योजना के तहत इस शख्स की मंशा पूरे देश को दंगों की आग में झौकने की है। उन्होने कहा कि हुजूर की शान में बोले गए अपमानित शब्द इंसानियत के खिलाफ भी एक बड़ा जुर्म है।

उन्होने बताया कि असलम शेख के आदेश और पुलिस के आला अधिकारियों से बातचीत के बाद रज़ा एकेडमी ने नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ पंधोनी पुलिस स्टेशन में एफ़आईआर दर्ज कराई। असलम शेख ने कहा कि किसी भी धर्म और उनके महापुरुषों के खिलाफ अपमानित शब्दों को महराष्ट्र सरकार हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होने ऐसे मामलों से निपटने के लिए कानून निर्माण का भी आश्वासन दिया।