भिवंडी/मुंबई: शहर में तेजी से पैर प्रसार रहे कादियानी फितने के खिलाफ रज़ा एकेडमी के प्रमुख अल्हाज मुहम्मद सईद नुरी के नेतृत्व में उलेमा ए अहले सुन्नत ने ताकदार ए खत्मे नुबुवत का परचम बुलंद किया।

वायमा मस्जिद में हुई बैठक में उलेमा ए अहले सुन्नत ने सोशल मीडिया पर होने वाली गुस्ताखियों पर रोक लगाने के लिए चिंतन किया। उलेमाओं ने इस बात पर चिंता जताई कि सोशल मीडिया के जरिये इस्लाम और अल्लाह ओ रसूल की शान में लगातार गुस्ताखी की जा रही है। इन गुस्ताखियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

उलेमा की इस सलाह पर अल्हाज मुहम्मद सईद नुरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भिवंडी में बड़ी संख्या में उलेमा मौजूद है। तहफ्फुज ए नामुस ए रिसालत और ताजदार ए खत्म ए नुबुवत एक ऐसा मसला है जिसमे न केवल उलेमा बल्कि पूरी उम्मत भी शामिल हो सकती है। उन्होने कहा, अगर हम नामुस ए रिसालत के पहरेदार बन जाये तो हमारी दुनिया संवर जाएगी।

नुरी साहब ने कहा कि नामुस ए रिसालत ने नाम हम लोगों की दी गई कुर्बानिया बारगाह ए रिसालत में कबूल हो गई तो उससे बढ़कर हमारे लिए और क्या खुशनसीबी होगी। उन्होने बताया कि रज़ा एकेडमी सोशल मीडिया पर होने वाली गुस्ताखी से निपटने के लिए एक लीगल टीम गठित करने जा रही है। जो ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी।

इस मौके पर रज़ा एकेडमी के भिवंडी शहर प्रमुख मुहम्मद शकील रज़ा ने कहा कि बहुत जल्द कादियानियत फितने के सबंध में एक बड़ी कांफ्रेंस ”तहफ्फुज ए ताजदार खत्म ए नुबुवत” आयोजित की जाएगी। जिसका उपस्थित सभी उलेमाओं ने समर्थन किया।

इस दौरान मौलाना अब्बास रजवी, मौलाना जफरुद्दीन रजवी, मौलाना अजमतुल्लाह मिस्बाही, मौलाना अकमल, मौलाना अबुहसन नुरी उपस्थित रहे।