रवीश कुमार, वरिष्ट पत्रकार

नई दिल्ली | हिन्दुओ के सबसे बड़े त्यौहार ‘दिवाली’ के मौके पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में दो लाख से अधिक दिये जलाये गए जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. इसके अलावा इंडोनेशिया के भी कुछ कलाकारों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया. माना जा रहा है की इस कार्यक्रम में कई करोडो रूपए का खर्चा आया है जिसकी वजह से योगी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गयी है.

अब इस कार्यक्रम पर एनडीटीवी के एंकर रविश कुमार ने भी निशाना साधा है. उन्होंने इस कार्यक्रम को इवेंट बताते हुए कहा की इन इवेंट्स के जरिये असल मुद्दों से भटकाया जा रहा है. जनता दाए देखना चाहते है लेकिन उसे बायें तकाने के जुगाड़ किए जा रहे हैं. उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर ‘हिमाचल में सुखराम आ रहे हैं, अयोध्या में श्री राम आ रहे हैं’ शीर्षक के साथ एक पोस्ट लिखी. मालूम हो की हिमाचल चुनाव से पहले पूर्व मंत्री और भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी करार दिए गए सुखराम ने बीजेपी ज्वाइन की है.

उन्होंने लिखा,’ 21 वीं सदी के भारत की कल्पना का सारा ईंवेंट मैनेजमेंट हवा में उड़ गया है. उस पर सवाल होने लगे हैं। प्रमाण माँगे जा रहे हैं. नारे हारे-हारे लग रहे हैं. पुराने नारों का ही बैकलॉग इतना हो गया है कि नए नारे मिल नहीं रहे हैं. सौभाग्य-दुर्भाग्य, नसीब-बदनसीब जैसे विपरीतार्थक निरर्थक हो चुके हैं. इसलिए जनता की निगाहों को शिफ्ट किया जा रहा है. जनता दायें ताकती है तो उसे बायें तकाने के जुगाड़ किए जा रहे हैं.’

रविश आगे लिखते है की शहर में गंदगी है मगर स्वच्छता का ईवेंट है. करोड़ों की बेरोज़गारी है मगर स्किल इंडिया का ईवेंट है. हर समस्या के समानांंतर एक ईवेट की रेखा है. त्रेतायुग के ईवेंट का आयोजन शानदार था. आयोजन पर आप सवाल नहीं कर सकते हैं और न ही प्रमाण मांग सकते हैं. आयोजकों को पता है कि भगवान राम के नाम पर राजनीति को वॉकओवर मिल जाता है. हिमाचल में सुखराम आ रहे हैं, अयोध्या में श्री राम आ रहे हैं।आयोजन ही प्रयोजन है. ईवेंट ही डेवलपमेंट है. गर्वनमेंट अपने आप में एक ईवेंट है.

पढ़िए रविश की पूरी पोस्ट

  

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