देश भर में गौरक्षा के नाम पर हो रहे दलितों पर हमलें को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गौरक्षकों के खिलाफ दिए गए बयान विपक्ष को संतुष्ट करने में नाकाम रहे.

सोमवार को कांग्रेस ने पूरे देश में दलितों के उत्पीड़न के खिलाफ पीएम मोदी को मजबूर करार देते हुए लोकसभा से वॉकआउट किया. साथ ही पीएम मोदी से संसद में बयान देने की मांग की. लोकसभा से वॉकआउट करते हुए कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने इस मुद्दे पर नियम 193 के तहत चर्चा कराना चाहते थे, लेकिन सरकार तैयार नहीं हुई.

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘पीएम मजबूर हो गए हैं. कमजोर हो गए हैं. वह मजबूरी से कह रहे हैं कि कुछ करना है तो दलित के बजाए मुझे गोली मारो. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक बयान पर कांग्रेस सांसदों ने आज सदन में नारेबाजी करते हुए कहा कि ‘घड़ियाली आंसू नहीं बहाएं, भाषण देने की बजाए कार्रवाई करें.’

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सदन में जवाब देने की बजाय पीएम सदन के बाहर बोल रहे हैं. पीएम मोदी ने इससे पहले अपनी पहली टाउन हॉल मीटिंग में भी कथित गौरक्षकों पर नाराजगी जाहिर की थी.

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