कोहराम न्यूज़ स्पेशल 

गोरखपुर हादसे के कारण जहाँ एक तरफ देश दुखी है वहीँ इस पूरे हादसे में ‘मसीहा’ की तरह कार्य करने वाले डॉक्टर कफील अहमद को भी सोशल मीडिया पर निशाने पर लिया गया, गौरतलब है की इससे पहले भी आतंकवादियों की गोलीबारी से अमरनाथ यात्रियों को बचाने वाले ड्राईवर सलीम की बहादुरी को सलाम करने की बजाए कुछ लोग उनको ही आतंकवादियों से जोड़ने लग गये थे.

डॉक्टर कफील ने ना सिर्फ अपनी जेब से पैसे खर्च करके मासूमों के लिए जितना हो सकता था उतना किया बल्कि खुद अपनी गाड़ी लेकर सिलिंडरों का इंतज़ाम भी किया, लेकिन शायद उनकी यह बात कुछ लोगो को पसंद नही आई और उन्होंने डॉक्टर कफील को ही निशाने पर लेना शुरू कर दिया, योगी सरकार ने जैसे ही उन्हें पद से हटाया वैसे ही कुछ लोगो ने उन्हें बलात्कारी कहना भी शुरू कर दिया.

आइये जानते है की क्या सच में डॉक्टर कफील अहमद बलात्कारी है?

सूत्रों के मुताबिक अप्रैल 2015 एक युवती सुफिया ने डॉ. कफील अहमद पर छेड़छाड़ और रेप का आरोप लगाया था जिसे लेकर थाना कोतवाली गोरखपुर में तहरीर दी गयी थी, जिसके बाद पुलिस ने तमाम आरोपों की गहनता से जांच की. जिसके बाद पुलिस ने एक रिपोर्ट तैयार की और तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक धरचार्य पाण्डेय – कैंट थाना गोरखपुर को प्रेषित कर दी. इस रिपोर्ट में  पुलिस ने युवती की तहरीर पर की जाने वाली जांच की बात कही है.

क्या है रिपोर्ट में?

पुलिस की इस रिपोर्ट के मुताबिक आवेदिका सुफिया पत्नी मुबारक जो की गोरखपुर के पुर्दिलपुर की निवासी है उन्होंने डॉक्टर कफील अहमद पर आरोप लगाया था की उन्होंने (डॉ.कफील ने) युवती के साथ रेप तथा छेड़खानी की है लेकिन पुलिस ने जांच करने के बाद इस आरोप को गलत पाया. पुलिस के अनुसार आवेदिका सुफिया द्वारा डॉ.कफील पर लगाये आरोप असत्य तथा निराधार पाए गये तथा जांच में युवती के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ एवम रेप की पुष्टि नही हुई. घटना पूरी तरह झूठी तथा निराधार है.

पुलिस ने अपनी जांच में यह भी पाया की चूँकि डॉ. कफील का निजी क्लिनिक है जिस कारण युवती ने अपनी किसी मंशा के तहत या फिर किसी अन्य व्यक्ति के चढाने पर डॉ. कफील पर आरोप लगाया जो की पूरी तरह से बेबुनियाद पाया गया.

नीचे पुलिस की रिपोर्ट की छायाप्रति संलंग्न है, इससे साबित होता है की सोशल मीडिया पर जानबूझकर डॉ. कफील की गलत छवि बनाने की कोशिश की जा रही है, हालाँकि देश ने यह भी देखा की किस तरह उन्होंने मरीजों के खातिर अपना दिन-रात एक कर दिया. वहीँ सरकार का कहना है की बच्चो की मौत ऑक्सीजन की कमी से नही हुई और दूसरी तरह ऑक्सीजन में लापरवाही बरतने के कारण डॉ. कफील को पद से मुक्त कर दिया गया.

 

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?