jain monk shantisagar 1

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नई दिल्ली | 19 वर्षीय लड़की के साथ रेप करने के आरोप में गिरफ्तार किये गए जैन मुनि शान्तिसागर ने मामले पर सफाई दी है. उन्होंने कहा की मैंने लड़की के मर्जी के बाद ही उससे सम्बन्ध बनाए. हालाँकि वो इस बात का जवाब नही दे पाए की साधू होने के बाद भी आपने ऐसा क्यों किया? फ़िलहाल शान्तिसागर को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इससे पहले पुलिस उन्हें मेडिकल कराने के लिए एक अस्पताल लेकर गयी.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार वही पर शान्तिसागर ने उक्त बाते कही. रिपोर्ट के अनुसार मेडिकल के समय डॉक्टर से उन्होंने कहा की मैं उस लड़की को 5-6 पहले से जानता हूँ. वह पहली बार मुझसे सूरत में मिली थी. उस समय वह अपने परिवार के साथ मुझसे मिलने आई थी. वहां पर टीमलियावाड़ नानपुरा धर्मशाला में लड़की की रजामंदी के बाद मैंने उससे सम्बन्ध बनाए. जैन मुनि ने आगे कहा की उन्होंने जीवन में पहली बार ऐसा किया.

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डॉक्टर ने अपने मेडिकल लीगल में ये सब बाते लिखी है. हालाँकि जब डॉक्टर ने जैन मुनि से यह कहा की आखिर साधू होने के बावजूद तुम ऐसा कर सकते हो तो वह कोई जवाब नही दे सके और सर झुकाकर बैठ गए. हालाँकि डॉक्टर कुछ जरुरी सैंपल नही ले पाए. इसलिए डॉक्टर ने शान्तिसागर को दोबारा मेडिकल के लिए लाने के लिए कहा है. उनका कहना है की जैन मुनि तनाव में है इसलिए कुछ सैंपल नही लिए जा सके.

उधर पुरे मामले पर जैन मुनि तरुण सागर की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा की शंतिसागर संत नही है वह संत के भेष में पाखंडी है. जैन समाज ऐसे दुष्कर्मियो को अपना आदर्श नही मानता. हालाँकि जैन मुनि तरुण सागर ने एकांत में मिलने को गलत नही माना. उन्होंने कहा की एकांत में मिलना गलत नही है लेकिन व्यव्हार का ध्यान रखे जाना जरुरी है. उधर मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी डीके राठौड़ के अनुसार, केस में चार लोगों ने बयान दिए हैं. सभी का दावा है कि लड़की और मुनि के साथ वे लोग भी वहां थे.

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