पतंजलि के संस्थापक रामदेव ने एक निजी चैनल के कार्यक्रम में विवादित बयान दिया है. उन्होने कहा कि कुरान में गोमूत्र से इलाज की इजाजत दी गई है. ध्यान रहे इस्लाम में गौमूत्र को नापाक करार दिया गया है.

उन्होने कहा कि ‘कुरआन में लिखा है कि गोमूत्र इलाज के लिए प्रयोग किया जा सकता है. मुस्लमानों को भी गोमूत्र अपनाना चाहिए. रामदेव ने कहा, ”कुछ लोग पतंजलि को ये कहकर निशाना बना रहे हैं कि ये एक हिंदू कंपनी है. क्या मैंने कभी हमदर्द (हामिद बंधु द्वारा स्थापित) को निशाना बनाया? हमदर्द और हिमालय दवा कंपनी के लिए मेरा पूरा समर्थन है.

रामदेव ने बताया कि हिमालय ग्रुप के फ़ारुक भाई ने तो योगाग्राम बनाने के लिए मुझे ज़मीन तक दान की है. अगर कुछ लोग इस तरह के आरोप लगाते हैं तो वे नफ़रत की दीवार ही खड़ी कर रहे हैं.

ध्यान रहे पतंजलि उत्पादों में गौमूत्र के इस्तेमाल को लेकर फतवा भी जारी हो चूका है. ये फतवा दारुल उलूम देवबंद और बरेली शरीफ से जारी हुआ है. जिसमे गौमूत्र मिले हुए तमाम उत्पादों के प्रयोग को इस्लाम में हराम होने की बात कही है. फतवे में यह भी कहा गया कि पतंजलि के जिन उत्पादों में गौमूत्र मिला न होने का पुख्ता प्रमाण हो, उनका उपयोग किया जा सकता है.

इसके अलावा फतवे में कहा गया कि पतंजलि हो या कोई और कंपनी अगर गाय के पेशाब की मिलावट किसी भी उत्पाद में है तो वह हराम है.

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