असम में एनआरसी के जारी होने के साथ ही बड़ा सियासी घमासान मचा हुआ है। इस मामले में योग गुरु बाबा रामदेव ने एनआरसी को देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों की संख्या नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

हरियाणा के रोहतक में मीडिया से बात करते हुए रामदेव ने कहा कि, “चाहे वह बांग्लादेशी हो या पाकिस्तानी हो, रोहिंग्या हो या अमेरिकी, सभी अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाना चाहिए। सभी अवैध घुसपैठियों ने भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया है। कश्मीर की समस्या अभी तक सुलझी नहीं है। यदि यहां रोहिंग्याओं को बसने दिया गया तो 10 और कश्मीर जैसी समस्याएं पैदा हो जाएगी।”

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इस मामले में सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। एक यूजर ने कहा कि रोहिंग्या तो शरणार्थी है। उन्हे तो एक दिन अपने मुल्क में लौटना है। लेकिन अवैध बांग्लादेशी और पाकिस्तानियों को बसाया जा रहा है। जो धर्म से हिन्दू है। उन पर भी तो कुछ बोलिए।

वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि देश में 40000 रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे है। जिनके पास सयुंक्त राष्ट्र के आईडी कार्ड है। दूसरी और लाखों की संख्या में अवैध बांग्लादेशी और पाकिस्तानी हिन्दू है। जिनको बसाने के लिए कानून बदले जा रहे है। लेकिन रामदेव उन्हे निकालने के बारे में एक शब्द नहीं कहेंगे।

बता दें कि असम में एनआरसी जारी किया गया है, जिसमें 40 लाख से अधिक लोगों के नाम को शामिल नहीं किया गया है। इन 40 लोगों की नागरिकता पर सवाल खड़े हो गए हैं।