Monday, November 29, 2021

बेरोजगार रहकर देसी पीने से अच्छा है की दलित सेना में भर्ती होकर विदेशी शराब पिये- केन्द्रीय मंत्री

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नई दिल्ली | केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद दलित समुदाय के खिलाफ हमलो में बढ़ोतरी देखी गयी है. कई बीजेपी शासित राज्यों में दलितों को कभी मूछे रखने पर पीटा जा रहा है तो कभी गौरक्षा के नाम पर. हालाँकि प्रधानमंत्री मोदी कई बार लोगो से अपील कर चुके है की दलित समाज के लोगो पर हमले बंद करे. लेकिन इस तरह की घटनाये कम होने का नाम नही ले रही है. अब मोदी सरकार के एक मंत्री ने दलित समाज के युवाओं की बेरोजगारी पर भी तंज कसा है.

दरअसल दलित समाज का एक बड़ा तबका आज भी रोजगार की तलाश कर रहा है. यही कारण है की इस समुदाय में आज भी काफी गरीबी देखी जाती है. हालाँकि सरकार दलित समाज को शिक्षित और रोजगार देने के लिए काफी योजनाये चला रही है लेकिन फिर भी इन योजनाओं का लाभ बेहद ही कम संख्या में लोगो को मिल पा रहा है. इस वजह से काफी दलित समुदाय के युवा मजदूरी करने पर मजबूर है.

इसी मजबूरी पर तंज कसते हुए केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने एक बेहद ही विवादित बयान देते हुए कहा की दलित समाज के युवाओं को सेना में भर्ती हो जाना चाहिए. मंत्री जी यही नही रुके उन्होंने आगे कहा की बेरोजगार रहकर देसी शराब पीन से अच्छा है की दलित युवा सेना ने भर्ती होकर विदेशी शराब का सेवन करे. इस दौरान रामदास ने सुरक्षाबलो में दलितो को आरक्षण देने का भी समर्थन किया.

मीडिया से बात करते हुए रामदास ने कहा की दलित लड़ाकू है, इसलिए अगर वो सुरक्षाबलो के साथ जुड़ जाए तो देश के लिए योगदान दे सकते है. वैसे भी सेना में अच्छा खाना और शराब मिलती है. इसलिए बेरोजगार रहते हुए देसी शराब पीने से अच्छा है की दलित युवा सेना में शामिल हो जाये और वहां रम पीये. उन्होंने यह भी कहा की यह गलतफहमी है की मरने के लिए ही सेना में भर्ती होते है. रोजाना हार्ट अटैक और सड़क दुर्घटना में ज्यादा लोग मरते है.

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